सितंबर में बोएं ये 5 विदेशी सब्जियां, नवंबर-दिसंबर में होगी ताबड़तोड़ कमाई!

सितंबर की शुरुआत किसानों के लिए कमाई का नया मौका लेकर आई है. ब्रोकली, रंगीन शिमला मिर्च, लेट्यूस, जुकीनी और चेरी टमाटर जैसी विदेशी सब्जियों की खेती शुरू की जा सकती है. नवंबर-दिसंबर में अगेती फसल बाजार पहुंचने पर बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 3 Sep, 2026 | 07:22 PM

सितंबर की शुरुआत किसानों के लिए कुछ खास सब्जियों की खेती शुरू करने का अच्छा समय हो सकता है. इस मौसम में कुछ विदेशी यानी एक्जोटिक सब्जियों की बुवाई या रोपाई करके किसान नवंबर-दिसंबर तक फसल तैयार कर सकते हैं. इन सब्जियों की मांग होटल, रेस्टोरेंट, सुपरमार्केट और शहरों के बाजारों में बनी रहती है. सही समय पर फसल बाजार में पहुंचने से किसानों को सामान्य सब्जियों की तुलना में बेहतर दाम मिलने की संभावना रहती है.

बागवानी विशेषज्ञों के अनुसार, सितंबर में खेती के लिए ऐसी फसलों का चुनाव करना चाहिए, जिनका बाजार पहले से मौजूद हो. डॉ. रजनीश मिश्रा, संयुक्त निदेशक (बागवानी) के अनुसार, किसी भी विदेशी सब्जी की खेती शुरू करने से पहले स्थानीय बाजार में उसकी मांग, उपलब्ध बीज और बिक्री की व्यवस्था की जानकारी लेना जरूरी है. इससे किसान उत्पादन के साथ-साथ बाजार का जोखिम भी कम कर सकते हैं.

ब्रोकली की खेती से मिल सकता है अच्छा भाव

सितंबर में ब्रोकली की खेती शुरू  की जा सकती है. इसकी मांग बड़े शहरों के साथ होटल और रेस्टोरेंट में रहती है. सामान्य फूलगोभी की तुलना में ब्रोकली का बाजार भाव कई बार बेहतर मिल जाता है. इसकी खेती के लिए खेत में अच्छी जल निकासी जरूरी है, क्योंकि पानी जमा होने से पौधों को नुकसान हो सकता है. किसान नर्सरी में पौधे तैयार करके उचित समय पर खेत में रोपाई कर सकते हैं. फसल तैयार होने के बाद इसे ताजा अवस्था में बाजार तक पहुंचाना जरूरी होता है.

रंगीन शिमला मिर्च की बढ़ रही मांग

रंगीन शिमला मिर्च यानी लाल, पीली और नारंगी कैप्सिकम  की मांग भी लगातार बढ़ रही है. इसका इस्तेमाल सलाद, पिज्जा, पास्ता और कई तरह के व्यंजनों में किया जाता है. शहरी बाजारों के अलावा होटल और रेस्टोरेंट भी इसे खरीदते हैं. इसकी खेती खुले खेत के साथ संरक्षित खेती में भी की जा सकती है. हालांकि, किसान को खेती शुरू करने से पहले लागत और बाजार भाव का हिसाब जरूर लगा लेना चाहिए.

लेट्यूस और जुकीनी भी बन सकती हैं कमाई का जरिया

लेट्यूस की मांग खास तौर पर सलाद  और फास्ट फूड में रहती है. सितंबर में इसकी खेती शुरू करके किसान समय पर बाजार में फसल पहुंचा सकते हैं. वहीं, जुकीनी भी एक ऐसी सब्जी है जिसकी मांग बड़े शहरों और आधुनिक बाजारों में देखने को मिलती है. इन दोनों फसलों की खेती में सिंचाई, मिट्टी की गुणवत्ता और पौधों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. अच्छी गुणवत्ता की उपज मिलने पर किसान बेहतर बाजार तलाश सकते हैं.

चेरी टमाटर और बाजार की पहले से करें तैयारी

चेरी टमाटर भी किसानों के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है. सामान्य टमाटर  से अलग आकार और स्वाद के कारण इसकी मांग रेस्टोरेंट, होटल और शहरी ग्राहकों के बीच रहती है. सितंबर में इसकी खेती शुरू करने से नवंबर-दिसंबर के आसपास बाजार में फसल पहुंचाने का मौका मिल सकता है. डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, किसानों को केवल फसल देखकर खेती का फैसला नहीं करना चाहिए. बीज की गुणवत्ता, उत्पादन लागत, पानी की उपलब्धता और बाजार में बिक्री की व्यवस्था पहले तय करना जरूरी है.

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Published: 3 Sep, 2026 | 07:22 PM

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