त्योहारों से पहले बेंगलुरु में सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं. 21 अगस्त को वरमहलक्ष्मी और इसके बाद गणेश चतुर्थी के चलते सब्जियों की मांग बढ़ गई है. वहीं, कम बारिश और घटती आवक से प्याज के भाव भी चढ़ गए हैं. थोक में प्याज 32-35 रुपये किलो, जबकि खुदरा बाजार में 50-55 रुपये किलो बिक रहा है. अच्छी क्वालिटी का प्याज 60 रुपये किलो तक पहुंच गया है. वहीं, टमाटर का रेट 45 रुपये किलो है. इससे आम जनता के किचन का बजट बिगड़ गया है.
व्यापारियों का कहना है कि बेंगलुरु में त्योहारों से पहले सब्जियों के दाम बढ़ने लगे हैं. वसंत नगर की सब्जी विक्रेता वल्लीअम्मल ने अंग्रेजी अखबार द हिन्दू से कहा कि पिछले दो दिनों में खुदरा बाजार में सब्जियों की कीमतों में तेजी आई है. इसकी बड़ी वजह त्योहारी मांग, कम बारिश और थोक बाजारों में कम स्टॉक है. उन्होंने कहा कि प्याज की कीमत बढ़कर 50-55 रुपये प्रति किलो हो गई है, जबकि पिछले हफ्ते यह करीब 40 रुपये किलो था. टमाटर भी 30-35 रुपये से बढ़कर 40-45 रुपये किलो हो गया है.
खुदरा विक्रेताओं की कमाई पर भी पड़ा असर
इसी तरह बज्जी मिर्च 70 रुपये किलो बिक रही है और गुरुवार-शुक्रवार तक इसके 80-90 रुपये किलो पहुंचने की आशंका है. हरी मिर्च का भाव भी 60 रुपये से बढ़कर 80 रुपये किलो हो गया है. बीन्स 90 रुपये किलो और गाजर 70-88 रुपये किलो तक पहुंच गई है. सब्जी विक्रेता ने कहा कि लोग अक्सर मानते हैं कि महंगी सब्जियां बेचने से दुकानदारों को ज्यादा फायदा होता है. लेकिन त्योहारों के दौरान थोक बाजार में ही कीमतें बढ़ जाती हैं. ऐसे में कई बार पूरे दिन बेचने के बाद भी 100 रुपये का मुनाफा नहीं हो पाता. सामान्य दिनों में खर्च निकालने के बाद रोजाना करीब 200-400 रुपये तक कमाई हो जाती है.
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कम बारिश और घटते स्टॉक से त्योहारों में प्याज हुआ महंगा
बेंगलुरु की कालासिपाल्या मंडी से बड़ी मात्रा में सब्जियां खरीदकर शिवाजीनगर, यशवंतपुर, गांधी बाजार, केआर मार्केट और मडिवाला जैसे बड़े बाजारों में भेजी जाती हैं. ऐसे में थोक कीमतों में बढ़ोतरी का असर शहर के दूसरे बाजारों पर भी पड़ रहा है. व्यापारियों के मुताबिक, घरों में ज्यादातर सब्जियों और खाने की चीजों में प्याज का इस्तेमाल होता है. इसलिए इसकी मांग हमेशा बनी रहती है. इस बार कम बारिश और बाजार में प्याज का स्टॉक घटने से त्योहारों के सीजन में इसकी कीमत बढ़ गई है.
बारिश से सब्जियां खराब होने का खतरा
व्यापारियों का कहना है कि कर्नाटक में प्याज की जरूरत का बड़ा हिस्सा महाराष्ट्र से आता है. इस साल सामान्य से ज्यादा प्याज खरीदना पड़ सकता है, क्योंकि बाजार में आने वाली मात्रा उम्मीद से कम रहने की आशंका है. बेलगावी के जय किसान होलसेल वेजिटेबल मार्केट के अध्यक्ष विश्वनाथ पाटिल ने बताया कि लगातार बारिश किसानों के लिए अच्छी है, लेकिन व्यापारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है. व्यापारी महाराष्ट्र से प्याज और चित्रदुर्ग से टमाटर खरीदते हैं. उन्होंने कहा कि बारिश होने पर आधा माल भीगकर क्रेट में ही सड़ सकता है. इससे बाजार तक पहुंचने वाली सब्जियों की मात्रा घटेगी और कीमतें बढ़ सकती हैं. इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा.