कर्नाटक में खाद संकट.. 52 हजार टन उर्वरक शॉर्टेज से फसल उत्पादन पर मंडराने लगा खतरा

कर्नाटक में 38 हजार टन उर्वरक और 14 हजार टन यूरिया की कमी सामने आई है. कृषि मंत्री एन चालुवरायस्वामी ने पश्चिम एशिया संकट को इसकी वजह बताया. सरकार FRUITS ID के जरिए किसानों को खाद बांट रही है. वहीं भर्ती, परीक्षा विवाद और बिदादी टाउनशिप को लेकर भी मंत्री ने बयान दिया.

Kisan India
नोएडा | Published: 20 May, 2026 | 06:00 AM

Karnataka News: कर्नाटक के कृषि मंत्री एन चालुवरायस्वामी ने कहा कि राज्य में करीब 38 हजार टन उर्वरक की कमी हो गई है. उन्होंने इसकी वजह पश्चिम एशिया संकट के कारण बने वैश्विक हालात को बताया है. बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि इस मामले को लेकर राज्य सरकार के अधिकारी केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ लगातार चर्चा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में 14 हजार टन यूरिया की भी कमी है. ऐसे में किसानों को कम मात्रा में उर्वरकों का इस्तेमाल करने और वैकल्पिक खेती तरीकों को अपनाने की सलाह दी गई है.

उन्होंने कहा कि इस साल मॉनसून जून में आने की संभावना है. इसे देखते हुए उर्वरकों की सप्लाई  पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. मंत्री ने कहा कि सरकार ने यह व्यवस्था की है कि उर्वरक सिर्फ असली किसानों को ही मिलें. इसके लिए फल आईडी (किसान पंजीकरण और एकीकृत लाभार्थी सूचना प्रणाली) के जरिए किसानों को खाद वितरित की जा रही है.

कृषि विभाग की परीक्षाओं में गड़बड़ियां

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि विभाग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर मंत्री ने कहा कि हिरियूर परीक्षा केंद्र  से शिकायत मिली थी. इसके आधार पर विभाग के कुलपति और सचिव को नोटिस जारी किया गया है. साथ ही, दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है. भर्ती प्रक्रिया को लेकर मंत्री ने कहा कि लोगों को यह तुलना करनी चाहिए कि कांग्रेस सरकार के पिछले तीन साल में कितनी भर्तियां हुईं और बीजेपी सरकार के कार्यकाल में कितने पद भरे गए थे.

पिछले 20 सालों से कोई भर्ती नहीं हुई

मंत्री ने कहा कि सभी खाली पदों को सिर्फ पांच साल में भरना आसान नहीं है, क्योंकि ये पद पिछले 30 सालों से खाली पड़े थे. उन्होंने कहा कि उनके विभाग में पिछले 20 सालों से कोई भर्ती नहीं हुई थी, लेकिन 2023 से अब तक 1,000 पदों पर नियुक्तियां की गई हैं. उन्होंने कहा कि आंतरिक आरक्षण के कारण भर्ती प्रक्रिया में देरी हुई, लेकिन अगले दो महीनों में सभी खाली पद भर दिए जाएंगे.

बिदादी टाउनशिप परियोजना कोई नई योजना नहीं है

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा कि बिदादी टाउनशिप परियोजना कोई नई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी ने इसे पहले स्मार्ट सिटी के रूप में शुरू किया था, जिसे अब डीके शिवकुमार आगे बढ़ा रहे हैं. मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, व्हाइटफील्ड, केआर पुरा और येलहंका जैसे इलाके पहले विकसित किए गए और अब बेंगलुरु शहर का अहम हिस्सा बन चुके हैं. उसी तरह डीके शिवकुमार बिदादी को भी विकसित करना चाहते हैं.

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Published: 20 May, 2026 | 06:00 AM

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