छोटी गलती से गिर सकते हैं आम के फूल, मार्च में अपनाएं ये तरीके तो पेड़ देंगे ज्यादा फल
मार्च का महीना आम की फसल के लिए बेहद अहम होता है. इस समय सही पोषण, हल्की सिंचाई और समय पर स्प्रे करने से फूल झड़ने से बचते हैं और फल मजबूत बनते हैं. अगर किसान सही देखभाल करें, तो पेड़ फलों से भर जाते हैं और उत्पादन के साथ मुनाफा भी बढ़ जाता है.
Mango Farming: मार्च का महीना आम के किसानों के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं होता. इसी समय पेड़ों पर आए बौर छोटे-छोटे फलों में बदलने लगते हैं. अगर इस समय सही देखभाल कर ली जाए, तो पेड़ फलों से लद जाते हैं, लेकिन जरा सी लापरवाही पूरी मेहनत पर पानी फेर सकती है. NHRDF के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रजनीश मिश्रा, संयुक्त निदेशक के अनुसार, मार्च में सही पोषण, सिंचाई और कीट नियंत्रण से किसान बंपर उत्पादन ले सकते हैं.
मार्च में पोषण का रखें खास ध्यान
कृषि विशेषज्ञ डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, इस समय आम के पेड़ों को सही पोषण देना बहुत जरूरी है. जब बौर आता है, तब पेड़ को अंदर से ताकत की जरूरत होती है. सड़ी हुई गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट इस समय सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है. इससे मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है और जड़ों को मजबूती मिलती है. जैविक खाद धीरे-धीरे पोषण देती है, जिससे पेड़ लंबे समय तक स्वस्थ रहता है और फल का आकार भी बेहतर बनता है. अगर किसान मार्च में सही खाद का इस्तेमाल करते हैं, तो पैदावार में साफ फर्क देखने को मिलता है.
फूल झड़ने से बचाने के लिए करें स्प्रे
मार्च में सबसे बड़ी समस्या होती है फूलों का झड़ना. अगर सही पोषण नहीं मिला, तो बौर गिरने लगते हैं और फल कम बनते हैं. इससे बचाव के लिए बोरॉन, जिंक और मैग्नीशियम का छिड़काव करना चाहिए. ये तत्व फूलों को मजबूत बनाते हैं और उन्हें गिरने से बचाते हैं. इसके अलावा एनपीके 13:00:45 या पोटैशियम नाइट्रेट का 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर स्प्रे करना फायदेमंद होता है. इससे ज्यादा फल टिकते हैं और उनका आकार भी अच्छा बनता है.
सिंचाई और मल्चिंग का सही तरीका अपनाएं
मार्च में ज्यादा पानी देना आम के पेड़ों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. बौर आने के समय हल्की सिंचाई ही करनी चाहिए. ज्यादा पानी देने से नई पत्तियां निकलने लगती हैं, जिससे फूल कमजोर हो जाते हैं और गिर सकते हैं. जब छोटे फल दिखने लगें, तब ही सिंचाई बढ़ानी चाहिए. इस समय ड्रिप सिंचाई सबसे अच्छा तरीका माना जाता है. इसके साथ ही पेड़ों के नीचे सूखी घास या पत्तियां बिछाकर मल्चिंग करने से मिट्टी की नमी बनी रहती है और पानी की बचत होती है.
कीट और बीमारियों से बचाव बेहद जरूरी
मार्च के महीने में आम के पेड़ों पर कीटों का खतरा भी बढ़ जाता है. मधुआ, हॉपर और गुझिया जैसे कीट फूलों को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके अलावा झुलसा रोग भी फसल को खराब कर सकता है. अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पूरी फसल प्रभावित हो सकती है. इसलिए समय-समय पर दवा का छिड़काव करना और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है. हल्की छंटाई करके सूखी और बीमार टहनियों को हटाने से भी पेड़ स्वस्थ रहता है और फल की गुणवत्ता बेहतर होती है.