Plum Farming: किसानों के लिए खास टिप्स, बेर के पेड़ में आएंगे मोटे और मीठे फल, बस अपनाएं ये आसान तरीका
बेर की खेती में सही समय पर पोषण और देखभाल बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, पोटाश और बोरोन के सही इस्तेमाल से फल का साइज और मिठास बढ़ाई जा सकती है. साथ ही संतुलित सिंचाई से बेहतर उत्पादन मिलता है, जिससे किसानों को बाजार में अच्छी कीमत और ज्यादा मुनाफा मिल सकता है.
Ber Farming: अगर आप बेर की खेती करते हैं और मेहनत के बाद भी छोटे और फीके फल मिलते हैं, तो अब समय है तरीका बदलने का. खेती से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार, सही समय पर सही पोषण और देखभाल से बेर की फसल को पूरी तरह बदला जा सकता है. थोड़े से बदलाव से न सिर्फ फल का आकार बड़ा होगा, बल्कि उसका स्वाद भी शहद जैसा मीठा हो जाएगा. इससे किसानों को बाजार में अच्छी कीमत मिलती है और कमाई भी बढ़ती है.
छोटे और फीके फल से होता है नुकसान
कई किसान दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन जब फल तैयार होता है तो उसका साइज छोटा रह जाता है और मिठास भी कम होती है. ऐसे में बाजार में उन्हें सही दाम नहीं मिल पाता और नुकसान उठाना पड़ता है. असल में यह समस्या सही समय पर पोषण और देखभाल की कमी के कारण होती है. अगर पेड़ को जरूरी तत्व सही समय पर नहीं मिलते, तो फल का विकास रुक जाता है. यही कारण है कि मेहनत के बावजूद अच्छे नतीजे नहीं मिल पाते.
मार्च का समय सबसे अहम, तभी बनती है मिठास
कृषि एक्सपर्ट NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, बेर के लिए मार्च का महीना बहुत महत्वपूर्ण होता है. इसी समय फल तेजी से बढ़ते हैं और उनमें मिठास बनने की प्रक्रिया शुरू होती है. अगर इस समय सही देखभाल की जाए, तो फल का साइज बड़ा और स्वाद बेहतर हो सकता है. खासकर जब फल मटर के बराबर हो जाएं, तब पोषण देना सबसे जरूरी होता है. यही समय फसल को बेहतर बनाने का होता है.
पोटाश और बोरोन का सही उपयोग देगा शानदार रिजल्ट
कृषि विशेषज्ञ के अनुसार, बेर के फल का साइज बढ़ाने में पोटाश की सबसे बड़ी भूमिका होती है. जब फल छोटे-छोटे दिखने लगें, तब पोटेशियम सल्फेट का छिड़काव करना चाहिए. इससे पोषक तत्व सीधे फलों तक पहुंचते हैं और उनका विकास तेजी से होता है. मिट्टी में ‘म्यूरेट ऑफ पोटाश’ देने से पौधे मजबूत होते हैं और बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है. वहीं, फलों में मिठास बढ़ाने के लिए ‘बोरोन’ बहुत जरूरी माना जाता है. यह फलों में शर्करा बढ़ाता है, जिससे बेर का स्वाद मीठा और अच्छा हो जाता है. कृषि एक्सपर्ट के अनुसार, इन पोषक तत्वों का सही मात्रा में उपयोग करने से किसान अपनी फसल की गुणवत्ता को काफी बेहतर बना सकते हैं.
सिंचाई और नमी का रखें खास ध्यान
फलों के अच्छे विकास के लिए मिट्टी में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी होता है. अगर मिट्टी सूखी रहेगी, तो फल सिकुड़ सकते हैं और उनका आकार छोटा रह जाएगा. इसलिए समय-समय पर सिंचाई करना जरूरी है. लेकिन एक बात का खास ध्यान रखें कि जब फल पकने के करीब हों, यानी 10 से 15 दिन पहले, तब सिंचाई कम कर दें. इस समय ज्यादा पानी देने से फलों की मिठास कम हो सकती है और वे खराब भी हो सकते हैं. अगर किसान इस छोटे से नियम का ध्यान रखें, तो उनकी फसल की क्वालिटी और बाजार में कीमत दोनों बढ़ सकती हैं.