3 लाख से शुरू करें मशरूम यूनिट, खेती से कमाएं लाखों रुपये और सरकार से पाएं 50 फीसदी सब्सिडी
Mushroom Unit Cost: मशरूम की खेती कम लागत में शुरू होने वाला ऐसा बिजनेस है, जिसमें 50 से 60 प्रतिशत तक मुनाफा कमाया जा सकता है. उत्तर प्रदेश सरकार भी इस पर सब्सिडी देती है. बढ़ती मांग और आसान तकनीक के कारण युवा तेजी से इस व्यवसाय की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
Mushroom Farming: आज के समय में हर युवा चाहता है कि वह खुद का मालिक बने और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाए. अगर आप भी ऐसा ही कोई काम ढूंढ रहे हैं, तो मशरूम फार्मिंग आपके लिए शानदार मौका हो सकता है. अच्छी बात यह है कि इस काम में उत्तर प्रदेश सरकार भी मदद कर रही है. सही तरीके से शुरुआत करें तो कुछ ही महीनों में कमाई शुरू हो सकती है.
कम लागत में बड़ा मौका
मशरूम की खेती शुरू करने के लिए बहुत बड़ी जमीन की जरूरत नहीं होती. सिर्फ एक बंद कमरा या छोटा शेड काफी है. शुरुआत में करीब 2 से 3 लाख रुपये का खर्च आता है. इसमें शेड तैयार करना, कंपोस्ट खाद बनाना, बीज खरीदना और जरूरी सामान शामिल होता है. जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है, आप उत्पादन भी बढ़ा सकते हैं. खासकर बटन मशरूम की बाजार में सबसे ज्यादा मांग रहती है, इसलिए इसे उगाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.
कैसे करें शुरुआत? आसान तरीका समझिए
मशरूम उगाने के लिए सबसे पहले गेहूं या धान के भूसे से कंपोस्ट खाद तैयार की जाती है. इसके बाद अच्छी क्वालिटी के बीज खरीदे जाते हैं. कंपोस्ट में बीज मिलाकर प्लास्टिक बैग में भर दिया जाता है और इन्हें अंधेरे कमरे में टांग या रख दिया जाता है. कमरे में नमी और ठंडा तापमान बनाए रखना बहुत जरूरी होता है. इसके लिए समय-समय पर पानी का छिड़काव करना पड़ता है. करीब 30 से 45 दिनों में फसल तैयार हो जाती है. सही देखभाल से एक ही कमरे से कई बैच में उत्पादन लिया जा सकता है.
60 फीसदी तक मुनाफा और 50 फीसदी सरकारी सब्सिडी
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ रही है. बाजार में यह 300 रुपये से 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है. अगर आप इसे सही तरीके और बड़े स्तर पर करते हैं, तो 50 से 60 प्रतिशत तक शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि उद्यान विभाग पर जाकर आप आवेदन कर सकते हैं. इस व्यवसाय पर 50 प्रतिशत तक की सरकारी सब्सिडी देता है. इससे शुरुआती लागत का बोझ काफी कम हो जाता है. होटल, रेस्टोरेंट और घरों में बढ़ती मांग के कारण इसकी बिक्री में भी दिक्कत नहीं आती.
युवाओं के लिए सुनहरा मौका
मशरूम फार्मिंग उन युवाओं के लिए खास मौका है जो नौकरी की बजाय खुद का काम करना चाहते हैं. इसमें ज्यादा जमीन नहीं चाहिए, मेहनत सीमित है और कम समय में कमाई शुरू हो जाती है. सेहत के प्रति बढ़ती जागरूकता की वजह से मशरूम की डिमांड लगातार बढ़ रही है. अगर सही ट्रेनिंग लेकर और सरकारी योजना का लाभ उठाकर काम शुरू किया जाए, तो यह व्यवसाय आपकी आमदनी को नई ऊंचाई दे सकता है. कम निवेश, कम जगह और ज्यादा मुनाफा-यही है मशरूम फार्मिंग की सबसे बड़ी ताकत.