गन्ने की खोई अब नहीं जाएगी बेकार! राख से बनेगा मजबूत कंक्रीट, सीमेंट की जगह होगा इस्तेमाल

गन्ने की खोई अब चीनी मिलों के लिए सिर्फ ईंधन नहीं रहेगी. इसे जलाने के बाद बचने वाली राख कंक्रीट में सीमेंट का आंशिक विकल्प बन सकती है. शोध में सामने आया है कि सही प्रसंस्करण के बाद इससे मजबूत, टिकाऊ और कम-कार्बन कंक्रीट तैयार किया जा सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 7 Sep, 2026 | 10:22 PM

Sugarcane Bagasse Ash: गन्ने की खोई अब सिर्फ चीनी मिलों के लिए ईंधन नहीं, बल्कि निर्माण क्षेत्र में भी काम की साबित हो सकती है. द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शोध में सामने आया है कि खोई जलाने के बाद बचने वाली राख यानी Sugarcane Bagasse Ash (SCBA) को कंक्रीट में सीमेंट के आंशिक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे कम-कार्बन और अधिक टिकाऊ कंक्रीट तैयार करने की संभावना बढ़ी है.

सीमेंट की जगह इस्तेमाल हो सकती है खोई की राख

द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, गन्ने की खोई  को आमतौर पर चीनी मिलों में गर्मी और बिजली उत्पादन के लिए जलाया जाता है. इसके बाद बचने वाली राख में सिलिका और अन्य यौगिक पाए जाते हैं, जो सीमेंट के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया कर सकते हैं. 2021 में प्रकाशित एक समीक्षा शोधपत्र में करीब दो दशकों के शोध का विश्लेषण किया गया. इसमें संकेत मिला कि उचित तरीके से प्रसंस्कृत SCBA कंक्रीट की मजबूती बनाए रखने या बढ़ाने में मदद कर सकती है.

20 फीसदी राख वाले मिश्रण ने दिखाया बेहतर प्रदर्शन

अलग-अलग अध्ययनों में SCBA की विभिन्न मात्रा को कंक्रीट में मिलाकर परीक्षण किया गया है. 2022 में Scientific Reports में प्रकाशित एक अध्ययन में 20 प्रतिशत बगास राख वाले कंक्रीट मिश्रण ने परीक्षण की परिस्थितियों में पारंपरिक मिश्रण के बराबर या उससे अधिक संपीड़न क्षमता हासिल की. वहीं एक अन्य अध्ययन में सीमेंट के 10 से 40 प्रतिशत तक SCBA और सिलिका फ्यूम से प्रतिस्थापन का परीक्षण किया गया. इसमें 10 प्रतिशत प्रतिस्थापन वाले मिश्रण ने सबसे बेहतर यांत्रिक मजबूती दिखाई.

राख की मात्रा बढ़ने पर सामने आई चुनौती

शोध से यह भी स्पष्ट हुआ है कि हर स्थिति में SCBA की एक ही मात्रा उपयुक्त नहीं हो सकती. राख की गुणवत्ता, कणों का आकार, प्रसंस्करण की तकनीक और कंक्रीट के मिश्रण का डिजाइन इसके प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं. कुछ परीक्षणों में राख की मात्रा बढ़ने के साथ कंक्रीट की मजबूती कम हुई. अधिक SCBA इस्तेमाल करने पर मिश्रण की कार्यक्षमता और उसे संभालना भी मुश्किल पाया गया. इसलिए खोई की राख को सीधे सीमेंट के स्थान पर इस्तेमाल करने के बजाय उसे नियंत्रित तरीके से प्रसंस्कृत और बारीक पीसना जरूरी हो सकता है. इससे उसकी प्रतिक्रियाशीलता और कंक्रीट में प्रदर्शन बेहतर किया जा सकता है.

चीनी मिलों के लिए भी खुल सकता है नया बाजार

SCBA के इस्तेमाल से चीनी मिलों  के लिए भी अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर पैदा हो सकते हैं. फिलहाल इसके बड़े पैमाने पर संग्रह, प्रसंस्करण और परिवहन की व्यवस्था कई जगह चुनौती बनी हुई है. इसके बावजूद अगर इस राख का व्यवस्थित उपयोग बढ़ता है तो चीनी उद्योग के उप-उत्पाद को नई उपयोगिता मिल सकती है. सीमेंट उत्पादन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में महत्वपूर्ण योगदान देता है. ऐसे में सीमेंट के एक हिस्से की जगह प्रसंस्कृत बगास राख का इस्तेमाल कम-कार्बन कंक्रीट विकसित करने की दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है. हालांकि, SCBA सीमेंट से होने वाले उत्सर्जन को पूरी तरह खत्म नहीं करती, लेकिन यह निर्माण क्षेत्र को अधिक टिकाऊ बनाने और कृषि-आधारित अवशेषों के बेहतर इस्तेमाल का रास्ता जरूर खोल सकती है.

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Published: 7 Sep, 2026 | 10:22 PM

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