चिलचिलाती गर्मी में भी मशरूम की बंपर खेती, देसी जुगाड़ से ठंडा रखें कमरा, मिलेगा जबरदस्त उत्पादन!
गर्मी के मौसम में मशरूम की खेती चुनौती बन जाती है, लेकिन कुछ आसान देसी उपाय अपनाकर इसे सफल बनाया जा सकता है. पुआल, हरा नेट और जूट के बोरे से कमरे का तापमान कम रखकर किसान बंपर उत्पादन ले सकते हैं और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
Mushroom Farming: चिलचिलाती गर्मी में जहां खेत-खलिहान सूखने लगते हैं, वहीं मशरूम की खेती करने वाले किसानों के सामने भी बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है. लेकिन अब घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि थोड़े से देसी जुगाड़ और सही तकनीक अपनाकर गर्मियों में भी मशरूम का बंपर उत्पादन किया जा सकता है.
गर्मी में भी कैसे करें मशरूम की खेती
डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार के अनुसार, मशरूम की खेती के लिए ठंडा और नियंत्रित तापमान बहुत जरूरी होता है. आमतौर पर 25 से 38 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान बेहतर माना जाता है, लेकिन गर्मियों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है. ऐसे में किसानों को कृत्रिम तरीके से ठंडा माहौल बनाना पड़ता है, ताकि उत्पादन पर असर न पड़े और अच्छी पैदावार मिल सके.
धान की पुआल और हरा नेट का देसी जुगाड़
गर्मी से बचाने के लिए सबसे आसान तरीका है छत पर धान की पुआल यानी पैरा बिछाना. इसके ऊपर हरा नेट डालने से सीधी धूप अंदर नहीं आती और तापमान कम रहता है. दिन में कम से कम दो बार पानी का छिड़काव करना चाहिए. अगर गर्मी ज्यादा हो, तो तीन-चार बार पानी डालने से कमरे का तापमान लगभग 4-5 डिग्री तक कम किया जा सकता है. इससे मशरूम के लिए अनुकूल वातावरण बनता है और उत्पादन प्रभावित नहीं होता.
जूट के बोरे से ठंडा रहेगा कमरा
डॉ. प्रमोद कुमार बताते हैं कि किसानों के पास अक्सर पुराने जूट के बोरे होते हैं, जिन्हें बेकार समझकर छोड़ दिया जाता है. लेकिन यही बोरे गर्मी से बचाव का बेहतरीन उपाय बन सकते हैं. इन्हें मशरूम वाले कमरे की दीवारों के चारों ओर लपेट दें और दिन में 2-3 बार पानी का छिड़काव करें. इससे कमरे का तापमान काफी हद तक कम हो जाता है और अंदर नमी बनी रहती है, जो मशरूम की ग्रोथ के लिए जरूरी है.
क्रॉस वेंटिलेशन से मिलेगा फायदा
गर्मी के मौसम में ताजी हवा का आना भी बहुत जरूरी होता है. इसके लिए सुबह और शाम के समय कमरे की खिड़कियां खोल देनी चाहिए ताकि ताजी हवा अंदर आए. लेकिन दोपहर में खिड़कियां बंद रखना जरूरी है, क्योंकि गर्म हवा (लू) से मशरूम को नुकसान हो सकता है. सही वेंटिलेशन से तापमान संतुलित रहता है और मशरूम की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है.
कम लागत में बढ़िया कमाई का मौका
मशरूम की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला व्यवसाय है. करीब 1000 से 1500 रुपये खर्च करके 20 पॉलिथीन स्पॉन तैयार किए जा सकते हैं. अगर सही तरीके से तापमान और नमी का ध्यान रखा जाए, तो गर्मियों में भी अच्छी पैदावार ली जा सकती है. इससे किसानों की आय में अच्छा इजाफा होता है और यह खेती एक मजबूत कमाई का जरिया बन सकती है.