खरपतवार ने बिगाड़ी फसल की हालत, जानिए कौन सी दवा करेगी पूरा सफाया और देगी बेहतर पैदावार
खेतों में उगने वाले खरपतवार फसल की बढ़त और उत्पादन को नुकसान पहुंचाते हैं. सही खरपतवार नाशक दवाओं के इस्तेमाल से इन्हें जड़ से खत्म किया जा सकता है. ग्लाइफोसेट और पैराक्वाट जैसी दवाएं तेजी से असर दिखाती हैं, लेकिन इनका उपयोग सावधानी के साथ करना जरूरी होता है.
Crop Protection: खेत में उगने वाले खरपतवार किसानों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन जाते हैं. ये न सिर्फ फसल का पोषण छीन लेते हैं, बल्कि उत्पादन भी कम कर देते हैं. कई बार किसान इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बाद में यही छोटी समस्या बड़ा नुकसान बन जाती है. अच्छी बात यह है कि अब ऐसी दवाएं और तरीके मौजूद हैं, जिनसे खरपतवार को जड़ से खत्म किया जा सकता है और फसल को सुरक्षित रखा जा सकता है.
खाली खेत में तेजी से फैलते हैं खरपतवार
गर्मी के मौसम में अक्सर किसान खेत खाली छोड़ देते हैं. ऐसे में खेतों में मौथा, दूब घास और चौड़ी पत्ती वाले खरपतवार तेजी से उग आते हैं. ये खरपतवार मिट्टी की ताकत को कम कर देते हैं और जब अगली फसल लगाई जाती है, तो उसका विकास सही तरीके से नहीं हो पाता. इसलिए जरूरी है कि खेत को खाली छोड़ने के बजाय समय-समय पर उसकी सफाई की जाए या सही दवाओं का इस्तेमाल किया जाए, ताकि खरपतवार पनप ही न सकें.
इन दवाओं से जड़ से खत्म होंगे खरपतवार
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, खेतों में उगने वाले खरपतवार को खत्म करने के लिए कई असरदार दवाएं मौजूद हैं. अगर किसान ग्लाइफोसेट, पैराक्वाट डाई क्लोराइड, बेस्टा, कात्यायनी कतल और सुमीगोल्ड जैसी दवाओं का सही तरीके से उपयोग करते हैं, तो खरपतवार को आसानी से जड़ से खत्म किया जा सकता है. ग्लाइफोसेट खासतौर पर मौथा और दूब घास जैसे जिद्दी खरपतवार पर असरदार होता है, जबकि पैराक्वाट डाई क्लोराइड बहुत तेजी से काम करता है और 24 घंटे के अंदर घास को खत्म कर देता है.
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दो तरह से काम करती हैं ये दवाएं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, खरपतवार नाशक दवाएं मुख्य रूप से दो तरह की होती हैं-सिलेक्टिव और नॉन-सिलेक्टिव. सिलेक्टिव दवाएं केवल घास के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करती हैं और उसे खत्म कर देती हैं, जबकि फसल को नुकसान नहीं पहुंचातीं. दूसरी तरफ, नॉन-सिलेक्टिव दवाएं जड़ तक पहुंचकर पूरे पौधे को खत्म कर देती हैं. इसलिए किसान को यह समझना जरूरी है कि कौन सी दवा किस स्थिति में इस्तेमाल करनी है. सही दवा का चुनाव करने से ही बेहतर परिणाम मिलते हैं.
दवा का इस्तेमाल करते समय रखें खास सावधानी
खरपतवार नाशक दवाएं जितनी फायदेमंद होती हैं, उतनी ही सावधानी भी मांगती हैं. अगर इनका छिड़काव गलत तरीके से किया जाए, तो यह फसल को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं. खासकर ग्लाइफोसेट जैसी दवा सीधे जड़ पर असर करती है, इसलिए अगर यह गलती से फसल पर गिर जाए, तो फसल भी खराब हो सकती है. इसलिए दवा का छिड़काव करते समय हवा की दिशा, मात्रा और समय का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये दवाएं किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती हैं. कुल मिलाकर, अगर किसान सही जानकारी और सावधानी के साथ इन दवाओं का उपयोग करें, तो वे अपने खेत को खरपतवार से पूरी तरह साफ रख सकते हैं और अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं.