70 दिनों में तैयार होने वाली पीली गाजर बनी किसानों की नई पसंद, बाजार में बढ़ी जबरदस्त मांग

पीली गाजर की खेती अब किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला विकल्प बनती जा रही है. गर्मी के मौसम में भी इसकी उन्नत किस्में बेहतर उत्पादन दे रही हैं. कम समय में तैयार होने वाली यह फसल बाजार में अच्छी कीमत दिला रही है, जिससे किसान तेजी से इसकी खेती अपना रहे हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 5 May, 2026 | 11:49 AM

Yellow Carrot Farming: देश के कई हिस्सों में किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं, जिनमें कम लागत और ज्यादा मुनाफा मिल सके. इन्हीं फसलों में अब पीली गाजर तेजी से किसानों की पसंद बनती जा रही है. खास बात यह है कि यह फसल गर्मी के मौसम में भी आसानी से उगाई जा सकती है और कम समय में तैयार होकर बाजार तक पहुंच जाती है. NHRDF के संयुक्त निदेशक डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार, पीली गाजर की उन्नत किस्में किसानों को बेहतर उत्पादन और अच्छी कमाई का मौका दे रही हैं. यही कारण है कि अब कई किसान लाल और काली गाजर के बजाय पीली गाजर की खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

गर्मी में भी आसानी से होती है खेती

डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार,आमतौर पर गाजर को सर्दियों  की फसल माना जाता है, लेकिन अब नई तकनीक और उन्नत बीजों की मदद से इसकी खेती गर्मी में भी सफलतापूर्वक की जा रही है. मई और जून में बोई जाने वाली पीली गाजर की फसल करीब 70 से 90 दिनों में तैयार हो जाती है. इससे किसानों को बरसात शुरू होने से पहले ही फसल बेचने का मौका मिल जाता है और बाजार में अच्छा दाम भी मिलता है. उन्होंने बताया कि पूसा असिता जैसी उन्नत किस्में गर्म मौसम में भी अच्छी पैदावार देती हैं. इन किस्मों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये कम समय में तैयार हो जाती हैं और इनकी गुणवत्ता भी बेहतर होती है. बाजार में पीली गाजर की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि इसका स्वाद मीठा होता है और लोग इसे खाने में ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

Yellow Carrot Farming, Carrot Cultivation, Farming Profit, Vegetable Farming, Summer Crops

कम लागत वाली पीली गाजर खेती से बढ़ रही किसानों की आमदनी.

कम लागत में ज्यादा मुनाफा

विशेषज्ञों के अनुसार पीली गाजर की खेती  में लागत अपेक्षाकृत कम आती है. कम बीज में ज्यादा क्षेत्र की बुवाई हो जाती है और फसल की देखरेख भी ज्यादा कठिन नहीं होती. सही तरीके से खेती करने पर कम जमीन से भी अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है. डॉ. मिश्रा के मुताबिक, अगर किसान सही तकनीक अपनाएं तो यह फसल कम समय में अच्छी कमाई दे सकती है. बाजार में इसकी कीमत सामान्य गाजर की तुलना में बेहतर मिल जाती है, जिससे किसानों को ज्यादा लाभ होता है. यही वजह है कि अब किसान नगदी फसलों के रूप में पीली गाजर को अपनाने लगे हैं. उन्होंने बताया कि कम समय में तैयार होने के कारण किसान साल में दूसरी फसल की भी आसानी से खेती कर सकते हैं. इससे खेत खाली नहीं रहता और किसानों की कुल आमदनी बढ़ने लगती है.

अच्छी पैदावार के लिए जरूरी है सही मिट्टी और सिंचाई

डॉ. रजनीश मिश्रा के अनुसार पीली गाजर की अच्छी खेती के लिए रेतीली-दोमट मिट्टी  सबसे उपयुक्त मानी जाती है. खेत की अच्छी तरह जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बनाना जरूरी होता है, ताकि जड़ें आसानी से बढ़ सकें. बुवाई के समय पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखना भी जरूरी है. डॉ.मिश्रा के अनुसार, बुवाई के बाद खेत में नमी बनाए रखना बेहद जरूरी होता है. खासतौर पर अंकुरण के समय हल्की सिंचाई करनी चाहिए. सामान्य तौर पर 6 से 7 दिन के अंतराल पर सिंचाई करने से फसल अच्छी बढ़ती है. ज्यादा पानी देने से फसल खराब होने का खतरा भी बढ़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान समय पर निराई-गुड़ाई और पोषक तत्वों का सही इस्तेमाल करें तो उत्पादन में और बढ़ोतरी हो सकती है. उन्नत खेती पद्धति अपनाकर किसान कम समय में ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं.

Yellow Carrot Farming, Carrot Cultivation, Farming Profit, Vegetable Farming, Summer Crops

पीली गाजर की खेती

बाजार में बढ़ रही मांग, किसानों के लिए बेहतर विकल्प

पीली गाजर  की मांग अब शहरों से लेकर गांवों तक तेजी से बढ़ रही है. लोग इसका इस्तेमाल सलाद, जूस और सब्जी के रूप में कर रहे हैं. इसकी मिठास और अलग स्वाद की वजह से बाजार में इसे अच्छी कीमत मिल रही है. डॉ. मिश्रा के अनुसार, आने वाले समय में पीली गाजर किसानों के लिए एक बेहतर नगदी फसल बन सकती है. कम लागत, कम समय और बेहतर बाजार मूल्य की वजह से यह खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसानों को उन्नत बीज, सही जानकारी और बाजार की सुविधा मिले तो पीली गाजर की खेती ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय का अच्छा स्रोत बन सकती है. यही कारण है कि अब कई किसान पारंपरिक फसलों के साथ इस नई खेती को भी अपनाने लगे हैं.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

ज्ञान का सम्मान क्विज

खरीफ सीजन में सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली फसल कौन सी है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
2585 रुपये प्रति क्विंटल
विजेताओं के नाम
रंजीत महतो- विष्णुपुर, हजारीबाग, झारखंड

लेटेस्ट न्यूज़