लापरवाही पड़ सकती भारी, भीषण गर्मी में पशुओं को बचाने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके

गर्मी बढ़ने के साथ पशुओं पर हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. ऐसे में सही देखभाल, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी सावधानी से पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है और उनके उत्पादन को भी सुरक्षित रखा जा सकता है.

नोएडा | Updated On: 26 Apr, 2026 | 05:47 PM

Animal Care: अप्रैल शुरू होते ही कई इलाकों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है और तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंचने लगा है. इस भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशुओं पर भी साफ दिखाई दे रहा है. बढ़ती गर्मी के कारण पशुओं में थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. ऐसे में पशुपालकों के लिए जरूरी हो जाता है कि वे समय रहते अपने पशुओं की सही देखभाल करें, ताकि उनकी सेहत और उत्पादन दोनों सुरक्षित रह सकें. पशु विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी सी लापरवाही पशुओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है.

गर्मी में बढ़ता है हीट स्ट्रोक का खतरा

पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, तेज धूप और बढ़ता तापमान पशुओं के शरीर का संतुलन  बिगाड़ देता है. जब पशु लंबे समय तक धूप में रहते हैं, तो उनके शरीर का तापमान तेजी से बढ़ जाता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा पैदा होता है. हीट स्ट्रोक होने पर पशु सुस्त हो जाता है, ज्यादा पसीना आने लगता है और सांस लेने में भी परेशानी होती है. कई बार पशु खाना-पीना भी छोड़ देता है. ऐसी स्थिति को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. इसलिए जरूरी है कि पशुओं को हमेशा छायादार और हवादार जगह पर रखा जाए, ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके.

खान-पान और पानी का रखें खास ध्यान

गर्मी के मौसम में पशुओं के खान-पान  का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. इस समय हरे चारे की कमी हो जाती है, जिससे पशुओं को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते. विशेषज्ञों का कहना है कि पशुओं को संतुलित आहार देना चाहिए, जिसमें खली, भूसा, मिनरल मिक्सचर और पोषक तत्व शामिल हों. इससे पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है और वे बीमारियों से बचते हैं. इसके साथ ही पानी की पर्याप्त मात्रा देना बहुत जरूरी है. गर्मी में पशुओं को दिन में कई बार साफ और ठंडा पानी पिलाना चाहिए. पानी की कमी से पशु डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकते हैं, जिससे उनकी सेहत और उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं.

साफ-सफाई और टीकाकरण से बचाव संभव

गर्मी के मौसम में गंदगी से बीमारियां  तेजी से फैलती हैं. इसलिए पशुशाला की नियमित सफाई करना बेहद जरूरी है. कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करने से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है. इसके अलावा समय-समय पर पशुओं का टीकाकरण भी जरूरी है. गर्मी में कई संक्रामक बीमारियां फैलती हैं, जिनसे बचाव के लिए टीके बहुत मददगार साबित होते हैं. अगर कोई पशु अचानक सुस्त दिखे, कम खाना खाए या उसकी सांस तेज चले, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. ऐसे लक्षण बीमारी या हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं.

समय पर इलाज और जागरूकता है जरूरी

पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, गर्मी के मौसम में पशुपालकों को ज्यादा सतर्क  रहने की जरूरत होती है. अगर किसी पशु में हीट स्ट्रोक या बीमारी के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. देरी करने से पशु की स्थिति गंभीर हो सकती है और बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. साथ ही, पशुपालन विभाग द्वारा लगाए जाने वाले शिविरों का भी लाभ उठाना चाहिए, जहां पशुओं की जांच और इलाज की सुविधा मिलती है.

Published: 26 Apr, 2026 | 09:30 PM

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