5000 मुर्गियों की मौत के बाद जागा प्रशासन…बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, चिकन-अंडे की बिक्री पर लगी रोक

Bird flu in Bilaspur: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद हड़कंप मच गया है. हजारों मुर्गियों की मौत के बाद प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए हैं. प्रभावित इलाके में प्रतिबंध लगाए गए हैं और निगरानी बढ़ा दी गई है. लोगों को सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

नोएडा | Published: 26 Mar, 2026 | 11:59 AM

Bilaspur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से आई एक खबर ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है. यहां एक सरकारी पोल्ट्री फार्म में अचानक हजारों मुर्गियों की मौत के बाद जांच कराई गई, जिसमें एवियन इन्फ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और इलाके में सख्त कदम उठाए गए.

हजारों मुर्गियों की मौत से मचा हड़कंप

बिलासपुर के कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म  में पिछले कुछ दिनों से लगातार मुर्गियों की मौत हो रही थी. शुरुआत में इसे सामान्य बीमारी समझा गया, लेकिन जब मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़कर 5,500 के पार पहुंच गया, तो अधिकारियों को शक हुआ. इसके बाद सैंपल जांच के लिए भोपाल भेजे गए. रिपोर्ट आने के बाद साफ हो गया कि यह मामला बर्ड फ्लू का है. इस खबर के सामने आते ही पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल बन गया है. पोल्ट्री से जुड़े लोगों के बीच खासतौर पर घबराहट देखी जा रही है.

कलेक्टर के सख्त निर्देश, 10 किलोमीटर तक प्रतिबंध

बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तुरंत सख्त निर्देश जारी किए. प्रशासन ने 1 किलोमीटर के दायरे को संक्रमित जोन और 10 किलोमीटर क्षेत्र को सर्विलांस जोन घोषित कर दिया है. इस पूरे इलाके में चिकन और अंडों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. इसके साथ ही कुक्कुट पक्षियों  के आवागमन पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है. जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि लोग सतर्क रहें और नियमों का पालन करें.

SOP के तहत कार्रवाई, टीमों की तैनाती

प्रशासन ने इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तय नियमों यानी SOP के अनुसार काम शुरू कर दिया है. संक्रमित पोल्ट्री फार्म  में मौजूद मुर्गियों को नष्ट (कुलिंग) करने की प्रक्रिया चल रही है ताकि संक्रमण आगे न फैले. इसके लिए रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है. ये टीमें संक्रमित पक्षियों के निपटान, इलाके की सफाई और कीटाणुनाशक दवाओं के छिड़काव का काम कर रही हैं. इसके अलावा, मरे हुए पक्षियों और कचरे का निपटान भी पूरी सावधानी और जैव सुरक्षा मानकों के तहत किया जा रहा है. प्रशासन के अलग-अलग विभाग मिलकर इस पूरे ऑपरेशन को तेजी से पूरा कर रहे हैं.

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, लोगों को दी गई जरूरी सलाह

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह अलर्ट पर है. बिलासपुर की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शुभा गरेवाल ने बताया कि सभी जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज किया जाएगा. पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों पर खास नजर रखी जा रही है. जिन लोगों में कोई लक्षण दिखाई देंगे, उनका तुरंत इलाज किया जाएगा. प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अगले 21 दिनों तक चिकन और अंडों के सेवन से बचें. अगर किसी को बुखार, खांसी या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

सतर्कता ही बचाव, जल्द काबू पाने की उम्मीद

बिलासपुर में सामने आया यह मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती जरूर है, लेकिन समय रहते उठाए गए कदमों से उम्मीद है कि स्थिति जल्द नियंत्रण में आ जाएगी. फिलहाल सबसे जरूरी है कि लोग घबराएं नहीं, बल्कि सावधानी बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें. यही जागरूकता इस बीमारी को फैलने से रोक सकती है.

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