Dairy Subsidy Scheme: दुधारू गाय-भैंस खरीदने पर सरकार दे रही सब्सिडी, डेयरी शुरू करने का मौका
छत्तीसगढ़ सरकार की डेयरी प्रोत्साहन योजना के तहत किसान दुधारू गाय या भैंस खरीदकर सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं. इससे कम लागत में डेयरी व्यवसाय शुरू करना आसान होगा और गांवों में नियमित आय का नया साधन तैयार करने का अवसर मिलेगा. यह योजना छोटे किसानों को आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी और रोजगार बढ़ाएगी.
Dairy Farming: गांवों में खेती के साथ-साथ डेयरी व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत सहारा बनता जा रहा है. दूध की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए अब पशुपालन सिर्फ परंपरागत काम नहीं, बल्कि कमाई का भरोसेमंद जरिया बन गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देने वाली एक खास योजना शुरू की है. इस योजना के तहत दुधारू गाय या भैंस खरीदने पर किसानों को अच्छी-खासी सब्सिडी मिल सकती है, जिससे वे कम लागत में अपना डेयरी काम शुरू कर सकें.
डेयरी शुरू करने के लिए सरकारी मदद
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ डेयरी उद्यमिता विकास योजना का उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है. इस योजना के तहत किसान दो उन्नत नस्ल की दुधारू गाय या भैंस खरीद सकते हैं. सरकार इसके लिए अधिकतम 1 लाख 40 हजार रुपये तक की योजना राशि तय करती है, जिस पर पात्र किसानों को सब्सिडी दी जाती है. इस योजना का फायदा खासतौर पर उन किसानों को मिलेगा जो पहली बार डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं. इससे ग्रामीण परिवारों को नियमित आय का एक स्थायी स्रोत मिल सकता है.
अलग-अलग वर्ग के किसानों को अलग सब्सिडी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, योजना में विभिन्न वर्गों के किसानों के लिए अलग-अलग सब्सिडी का प्रावधान किया गया है. सामान्य और पिछड़ा वर्ग के किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को 66.6 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है. इस हिसाब से सामान्य वर्ग के किसानों को लगभग 70 हजार रुपये तक और SC/ST वर्ग के किसानों को करीब 93 हजार रुपये तक का अनुदान मिल सकता है. यह आर्थिक सहायता डेयरी व्यवसाय शुरू करने में बड़ी मदद साबित हो सकती है.
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योजना का लाभ लेने के दो तरीके
छत्तीसगढ़ के किसान इस योजना का लाभ दो तरीकों से ले सकते हैं. पहला तरीका बैंक ऋण के माध्यम से और दूसरा स्ववित्तीय यानी अपने पैसे से निवेश करके. दोनों ही स्थितियों में आवेदन करना जरूरी होता है. यदि किसान बैंक लोन से पशु खरीदना चाहता है, तो आवेदन संबंधित बैंक को भेजा जाता है. बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद किसान गाय या भैंस खरीद सकता है. वहीं, अपने पैसे से पशु खरीदने वाले किसानों को पहले योजना की स्वीकृति लेनी होती है. योजना के तहत खरीदे जाने वाले पशुओं के लिए कुछ मानक भी तय किए गए हैं. पशु की उम्र 5 वर्ष से कम होनी चाहिए और उसका दैनिक दूध उत्पादन कम से कम 10 लीटर होना जरूरी है.
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ के किसानों अपने नजदीकी पशु विभाग में जाकर आवेदन कर सकते हैं. इसके साथ ही योजना का लाभ उठाने के लिए पशुपालक को सामान्य आवेदन पत्र के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं. इनमें आधार कार्ड, बैंक खाते की कॉपी और जमीन से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं. आवेदन नजदीकी पशु अस्पताल या संबंधित विभाग में जमा किया जा सकता है. पशु खरीदने के बाद उसका बीमा कराना अनिवार्य होता है. बीमा के दस्तावेज जमा होने के बाद ही सब्सिडी की प्रक्रिया पूरी की जाती है. ये योजना उन किसानों के लिए खास अवसर है जो कम पूंजी में डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं. सरकार की इस पहल से न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो.