Haryana News: हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने हरियाणा के किसानों और पशुपालकों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. अब राज्य में पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. सरकार जल्द ही ऐसी मोबाइल पशु चिकित्सा वैन शुरू करने जा रही है, जो कॉल मिलने के 30 मिनट के अंदर घर पहुंचकर इलाज करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पशुओं को समय पर इलाज मिलेगा और किसानों को बड़ी राहत होगी. यह घोषणा चंडीगढ़ में कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और पशुपालन विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान की गई.
30 मिनट में घर पहुंचेगी पशु चिकित्सा वैन
मुख्यमंत्री ने बताया कि मोबाइल वैन में पशु डॉक्टर और सहायक मौजूद रहेंगे. पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक कॉल कर सकेंगे. कॉल मिलने के बाद मोबाइल यूनिट 30 मिनट के भीतर पशुपालक के घर पहुंचेगी. इससे पशुओं का समय पर इलाज और आपातकालीन देखभाल हो सकेगी. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस सेवा को आगे चलकर 24 घंटे तक शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि हर समय पशुओं को इलाज मिल सके.
किसानों को जागरूक करेगी सरकार
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को किसानों के लिए जागरूकता अभियान शुरू करने के निर्देश दिए. इस अभियान के जरिए किसानों को जैविक खेती अपनाने, रासायनिक खाद और कीटनाशकों का कम इस्तेमाल करने और पराली नहीं जलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. सरकार किसानों को नई तकनीकों के बारे में जानकारी देने के लिए व्हाट्सएप अभियान, डॉक्यूमेंट्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विभाग का अलग फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल बनाया जाए, ताकि किसानों तक सही जानकारी आसानी से पहुंच सके.
आधुनिक खेती और बागवानी पर जोर
कृषि विभाग ने बैठक में फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य और प्राकृतिक खेती को लेकर अपना रोडमैप पेश किया. सरकार पानी बचाने वाली तकनीकों को बढ़ावा दे रही है. धान की सीधी बिजाई जैसी तकनीकों के जरिए भूजल बचाने की कोशिश की जाएगी. बागवानी विभाग ने सेब, खजूर और नाशपाती जैसी फसलों के समूह बनाने की योजना भी रखी, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और ज्यादा मुनाफा मिल सके.
झींगा पालन और प्राकृतिक खेती से बढ़ेगी आय
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जलभराव वाली जमीनों में झींगा पालन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए. इससे बेकार पड़ी जमीन का सही उपयोग हो सकेगा और किसानों की आमदनी बढ़ेगी. सरकार आने वाले वर्षों में लाखों किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड देने और बड़ी संख्या में फसल अवशेष प्रबंधन मशीनें बांटने की तैयारी कर रही है. साथ ही 1.5 लाख एकड़ जमीन को प्राकृतिक और जैविक खेती के तहत लाने की योजना बनाई गई है, ताकि खेती को ज्यादा सुरक्षित और लाभकारी बनाया जा सके.