गाय का बार-बार नहीं ठहर रहा गर्भ, जानिए कृत्रिम गर्भाधान से दूध और नस्ल सुधारने का आसान तरीका

गाय में गर्भ न ठहरने या दूध कम देने की समस्या से पशुपालकों की आय घटती है. कृत्रिम गर्भाधान एक सुरक्षित और असरदार तरीका है, जिससे नस्ल सुधार और दूध उत्पादन बढ़ाया जा सकता है. सही समय, सही देखभाल और विशेषज्ञ सलाह से बेहतर परिणाम मिलते हैं.

नोएडा | Updated On: 21 Feb, 2026 | 05:48 PM

Artificial Insemination: अगर गाय बार-बार गर्भधारण न करे या दूध कम दे, तो इसका सीधा असर पशुपालक की कमाई पर पड़ता है. लेकिन अब इसका आसान और सुरक्षित हल है-कृत्रिम गर्भाधान. सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से न सिर्फ स्वस्थ बछड़ा मिल सकता है, बल्कि दूध उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है. बस जरूरी है कि यह प्रक्रिया सही समय और सही तरीके से की जाए.

क्यों नहीं ठहरता गर्भ? ये होती हैं आम वजहें

कई बार गाय में गर्भ न ठहरने की समस्या  देखी जाती है. इसकी बड़ी वजह होती है पोषण की कमी, साफ-सफाई का ध्यान न रखना या प्रजनन अंगों में संक्रमण. समय पर सही नस्ल का सांड न मिल पाना भी एक कारण है. प्राकृतिक तरीके से गर्भाधान में चोट लगने या बीमारी फैलने का खतरा भी रहता है. ऐसी स्थिति में कृत्रिम गर्भाधान एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आया है. इसमें उन्नत नस्ल का सीमेन इस्तेमाल किया जाता है, जिससे आने वाली पीढ़ी की नस्ल बेहतर होती है और दूध देने की क्षमता भी बढ़ती है. यही वजह है कि अब कई पशुपालक इस तरीके को अपना रहे हैं.

कृत्रिम गर्भाधान के फायदे क्या हैं?

इस तकनीक से कम समय में ज्यादा गायों का गर्भाधान  किया जा सकता है. इससे नस्ल सुधार तेजी से होता है और रोग फैलने का खतरा भी कम हो जाता है. उन्नत सीमेन के उपयोग से स्वस्थ और ज्यादा दूध देने वाली बाछी मिलने की संभावना बढ़ जाती है. सरकार की ओर से भी डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया है, जहां पशुपालक गर्भ से जुड़े अपडेट अपने मोबाइल पर देख सकते हैं. इससे उन्हें समय-समय पर जरूरी जानकारी मिलती रहती है. साथ ही, सेक्स सॉर्टेड सीमेन के उपयोग से मादा बाछी होने की संभावना भी बढ़ाई जा सकती है, जो डेयरी व्यवसाय के लिए फायदेमंद है.

गर्भाधान से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान

कृत्रिम गर्भाधान  से पहले सही तैयारी बहुत जरूरी है. सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि गाय हीट में है या नहीं. हीट के दौरान गाय बार-बार रंभाती है, पूंछ उठाती है, प्रजनन अंगों में हल्की सूजन दिखती है और पारदर्शी चिपचिपा द्रव निकलता है. गाय थोड़ी बेचैन भी नजर आती है. देसी नस्ल की गाय में हीट आने के 12 से 14 घंटे बाद और संकर नस्ल में 14 से 16 घंटे बाद गर्भाधान कराना सही रहता है. समय का सही ध्यान रखने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है. गर्भाधान के करीब 90 दिन बाद गर्भ जांच जरूर करानी चाहिए, ताकि स्थिति साफ हो सके. अगर कई बार कोशिश के बाद भी गर्भ न ठहरे, तो पशु चिकित्सक से जांच करानी जरूरी है. कई बार अंदरूनी संक्रमण या पोषण की कमी कारण बन जाती है, जिसे समय रहते ठीक किया जा सकता है.

सही जानकारी से बढ़ेगी कमाई

कृत्रिम गर्भाधान सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि डेयरी व्यवसाय  को मजबूत करने का जरिया है. इससे गाय स्वस्थ रहती है, नस्ल में सुधार होता है और दूध उत्पादन बढ़ता है. सही समय, सही देखभाल और विशेषज्ञ की सलाह से पशुपालक अपनी आय में अच्छा इजाफा कर सकते हैं. आसान शब्दों में कहें तो थोड़ी समझदारी और सही कदम, डेयरी की तस्वीर पूरी तरह बदल सकते हैं.

Published: 21 Feb, 2026 | 09:30 PM

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