दूध देने वाले पशुओं को गर्मियों में भूसा खिलाने से पहले जान लें ये बातें, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

Dairy care tips: गर्मी के मौसम में पशुओं की सही देखभाल बेहद जरूरी है, क्योंकि तेज तापमान का असर उनकी सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ता है. विशेषज्ञों के अनुसार पशुओं को हरा चारा, साफ और ठंडा पानी देना चाहिए और उन्हें छांव में रखना जरूरी है. दोपहर की धूप से बचाकर सुबह-शाम चराने ले जाना बेहतर होता है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 9 May, 2026 | 11:27 AM

Dairy Farming Tips: गर्मी का मौसम इंसानों के साथ-साथ पशुओं के लिए भी काफी मुश्किल भरा होता है. तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान पशुओं की सेहत पर सीधा असर डालते हैं. इस मौसम में पशु जल्दी थक जाते हैं, कम खाना खाते हैं और उनका दूध उत्पादन भी घटने लगता है. कई बार लापरवाही के कारण पशु बीमार भी पड़ जाते हैं. ऐसे में पशुपालकों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते सही देखभाल करें ताकि पशु स्वस्थ रहें और उत्पादन पर असर न पड़े.

पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम के अनुसार, गर्मियों में पशुओं को संतुलित आहार, साफ पानी और ठंडा वातावरण देना बेहद जरूरी होता है. सही खानपान और थोड़ी सावधानी से पशुओं को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जा सकता है.

गर्मी में हरा चारा क्यों जरूरी है?

गर्मी के मौसम में पशुओं को हरा चारा खिलाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. ज्वार, मक्का और नेपियर घास जैसे हरे चारे में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे पशुओं के शरीर को ठंडक मिलती है. इससे उनके शरीर में पानी की कमी नहीं होती और वे स्वस्थ बने रहते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि केवल सूखा चारा खिलाना सही नहीं है. भूसा और सूखा चारा ज्यादा मात्रा में देने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है. इसलिए हरे और सूखे चारे का संतुलन बनाकर ही पशुओं को खिलाना चाहिए. इससे उन्हें जरूरी पोषण भी मिलता है और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है.

साफ और ठंडा पानी देना बेहद जरूरी

गर्मी में पशु सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा पानी पीते हैं. इसलिए उन्हें हमेशा साफ और ठंडा पानी उपलब्ध कराना चाहिए. पानी को दिन में कई बार बदलना जरूरी है ताकि वह ताजा बना रहे. गंदा या गर्म पानी पशुओं की सेहत खराब कर सकता है. अगर संभव हो तो पशुओं के रहने की जगह पर पंखा, कूलर या अच्छी वेंटिलेशन की व्यवस्था करनी चाहिए. इससे तापमान कम रहता है और पशु आराम महसूस करते हैं.

दोपहर की धूप से बचाएं पशु

तेज धूप में पशुओं को बाहर निकालना नुकसानदायक हो सकता है. खासतौर पर दोपहर के समय उन्हें चराने के लिए नहीं ले जाना चाहिए. सुबह और शाम का समय चराने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. इसके अलावा समय-समय पर पशुओं को नहलाना भी फायदेमंद होता है. इससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और लू लगने का खतरा कम हो जाता है.

हरा चारा काटते समय रखें खास ध्यान

विशेषज्ञों के अनुसार जिस खेत से हरा चारा काटा जाए, वहां नमी बनी रहनी चाहिए. अगर खेत सूखा हो जाए तो चारे में जहरीले तत्व बनने का खतरा बढ़ जाता है, जो पशुओं के लिए नुकसानदायक हो सकता है. अगर किसी पशुपालक के पास पर्याप्त हरा चारा उपलब्ध नहीं है, तो वह अनाज का उपयोग भी कर सकता है. हालांकि अनाज को भिगोकर खिलाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इससे पाचन आसान हो जाता है और पशु को पर्याप्त ऊर्जा मिलती है.

गर्मी में थोड़ी सी सावधानी पशुओं को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती है. संतुलित आहार, साफ पानी, ठंडी जगह और सही समय पर देखभाल करने से पशु कम बीमार पड़ते हैं और दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहता है.

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