बाजार का महंगा दाना भी फेल? आजमाएं ये जादुई देसी डाइट, बाल्टी भर-भरकर दूध देगी आपकी गाय-भैंस

महंगे दाने और सप्लीमेंट के बावजूद दूध न बढ़ने की समस्या से अब पशुपालकों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. रसोई में मौजूद कुछ खास चीजों और पारंपरिक तरीकों को अपनाकर पशुओं का दूध और फैट दोनों बढ़ाया जा सकता है. सही पोषण और उचित प्रबंधन के जरिए पशुओं को सेहतमंद रखकर डेयरी बिजनेस में मुनाफा कमाना अब आसान है.

नोएडा | Updated On: 13 Jan, 2026 | 07:20 PM

Cattle Milk Boost Tips: पशुपालन की दुनिया में सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि पशु चारा तो खूब खा रहा है, लेकिन बाल्टी नहीं भर रहा. कई बार पशुपालक भाई बाजार से महंगा से महंगा दाना और सप्लीमेंट लाकर खिला देते हैं, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात रहता है. ऐसे में किसान की जेब तो ढीली होती है, पर मुनाफा नहीं बढ़ता. दरअसल, दूध बढ़ाने के लिए सिर्फ पेट भरना काफी नहीं है, बल्कि पशु को सही पोषण देना जरूरी है.

पशु विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी रसोई में ही कुछ ऐसी चीजें मौजूद हैं जो किसी भी विदेशी दवा से ज्यादा असरदार हैं. अगर आप भी दूध की मात्रा और उसकी मलाई (फैट) बढ़ाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है. आइए जानते हैं वो जादुई नुस्खा जो आपके पशु को तंदुरुस्त भी बनाएगा और दूध की नदियां भी बहा देगा.

दूध और फैट का असली खजाना

अगर आप चाहते हैं कि दूध गाढ़ा  हो और उसकी मात्रा बढ़े, तो कपासिया खल (Cottonseed Cake) और मेथी का मेल सबसे बेहतरीन माना जाता है. कपासिया खल में भरपूर मात्रा में फैट और प्रोटीन  होता है, जो पशु के शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है. वहीं, मेथी दाना न केवल पाचन ठीक करता है, बल्कि पशु के थनों में दूध के संचार को बढ़ा देता है. जानकारों का कहना है कि यह मिश्रण उन पशुओं के लिए रामबाण है जिनका दूध अचानक कम हो गया हो.

ऐसे तैयार करें पावरफुल मिश्रण

इस नुस्खे को तैयार करना बहुत आसान है. इसके लिए आपको चाहिए-

बनाने का तरीका:- सबसे पहले पिसी हुई मेथी को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगो दें. इसके बाद एक बड़े बर्तन में दलिया और गुड़  डालकर इसे अच्छी तरह पकाएं. जब दलिया पक जाए, तो इसमें भीगी हुई मेथी मिला दें. इस मिश्रण को तब तक चलाएं जब तक सब कुछ एकसार न हो जाए. यह एक तरह का पशु हलवा बन जाएगा जो स्वाद में भी अच्छा होता है और सेहत में भी.

खिलाने का सही समय और तरीका

कोई भी नुस्खा तभी काम करता है जब उसे सही समय पर दिया जाए. इस पौष्टिक आहार को हमेशा ठंडा करके रात के समय पशु को खिलाना  चाहिए, जब वह अपना चारा-पानी खत्म कर चुका हो. रात भर पशु आराम करता है, जिससे यह खुराक उसके शरीर में अच्छी तरह पचती है और अपना असर दिखाती है. इस डाइट से न केवल दूध बढ़ता है, बल्कि दूध में फैट की मात्रा भी बढ़ जाती है, जिससे आपको बाजार में दूध का बेहतर दाम मिलता है.

पेट के कीड़ों का इलाज

अक्सर किसान एक बहुत बड़ी गलती कर बैठते हैं-वे पशु को अच्छा खाना तो देते हैं, लेकिन उसके पेट के कीड़ों की सफाई नहीं करते. अगर पशु के पेट में कीड़े हैं, तो आप उसे कितना भी बादाम-पिस्ता खिला दें, सब कीड़े खा जाएंगे और पशु कमजोर ही रहेगा. इसलिए, हर 3 महीने में पशु को डीवॉर्मिंग (Deworming) यानी कीड़े मारने की दवा जरूर दें. इसके बिना कोई भी महंगा दाना या देसी नुस्खा  काम नहीं करेगा.

Published: 13 Jan, 2026 | 10:30 PM

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