Fish Farming Tips: आपकी मछली तगड़ी है या बीमार? ये आसान संकेत खोल देंगे सेहत का पूरा राज
मछली पालन में अच्छी कमाई के लिए मछलियों का स्वस्थ होना बेहद जरूरी है. रंग, तैरने का तरीका और खुराक में रुचि से उनकी सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है. पानी की गुणवत्ता और सही देखभाल भी अहम भूमिका निभाती है. समय पर पहचान से नुकसान से बचा जा सकता है.
Fish Farming: मछली पालन आज के समय में कम लागत और अच्छी कमाई वाला कारोबार बन चुका है. लेकिन इसमें असली सफलता तभी मिलती है, जब तालाब की मछलियां पूरी तरह स्वस्थ हों. अगर मछली बीमार हो जाए तो उसका विकास रुक जाता है और बाजार में भी सही दाम नहीं मिलता. इसलिए हर मछली पालक के लिए यह जानना जरूरी है कि स्वस्थ मछली की पहचान कैसे करें.
रंग और शरीर से पहचानें सेहत
स्वस्थ मछली का रंग साफ, प्राकृतिक और हल्का चमकदार होता है. अगर रंग फीका पड़े या शरीर पर सफेद धब्बे दिखें, तो यह बीमारी का संकेत हो सकता है. मछली की पूंछ और पंख मजबूत और सही आकार में होने चाहिए. अगर पंख फटे हुए लगें या पूंछ ढीली दिखे, तो समझ लें कि मछली स्वस्थ नहीं है. शरीर पर किसी तरह का घाव, फोड़ा या सूजन नहीं होनी चाहिए. ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत ध्यान देना जरूरी है.
तैरने का तरीका भी देता है संकेत
स्वस्थ मछलियां तालाब के बीच या गहराई में सामान्य तरीके से तैरती हैं. वे एक साथ समूह में चलती हैं और सक्रिय रहती हैं. अगर कोई मछली बार-बार पानी की सतह पर आ रही है, किनारे के पास सुस्त तैर रही है या शरीर को तालाब की दीवार से रगड़ रही है, तो यह बीमारी का लक्षण हो सकता है. ऐसी स्थिति में तालाब के पानी और ऑक्सीजन स्तर की जांच जरूर करें.
खुराक में रुचि है सबसे बड़ा संकेत
मछलियों की भूख उनकी सेहत का सबसे बड़ा संकेत है. स्वस्थ मछलियां दाना डालते ही तेजी से उसे खाने लगती हैं. अगर मछली खाना नहीं खा रही है या बहुत धीरे खा रही है, तो यह चिंता की बात हो सकती है. सुस्त व्यवहार, कम गतिविधि और भोजन में अरुचि दिखे तो तुरंत कारण पता करें. कई बार पानी की गुणवत्ता खराब होने से भी मछलियां कमजोर पड़ जाती हैं.
पानी की गुणवत्ता और देखभाल जरूरी
सिर्फ मछली को देखना ही काफी नहीं है, तालाब का पानी भी साफ और संतुलित होना चाहिए. पानी में पर्याप्त ऑक्सीजन होनी चाहिए और गंदगी नहीं होनी चाहिए. समय-समय पर पानी की जांच कराना फायदेमंद रहता है. संतुलित आहार देना भी जरूरी है. ज्यादा या कम दाना दोनों ही नुकसान कर सकते हैं. अगर किसी मछली में असामान्य लक्षण दिखें, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लें.