Fish Farming Tips : जैसे ही ठंड की पहली दस्तक होती है, हम अपने स्वेटर और कंबल निकाल लेते हैं, लेकिन क्या आपने सोचा है कि आपके तालाब के पानी में रह रही मछलियों पर इस कड़ाके की ठंड का क्या बीतती होगी? मछली पालन सिर्फ पानी का कारोबार नहीं, बल्कि उम्मीदों की खेती है. सर्दियों में जैसे-जैसे पारा गिरता है, मछलियों की भूख कम हो जाती है और उनकी बढ़ने की रफ़्तार (ग्रोथ) थम सी जाती है. कई बार तो लापरवाही की वजह से तालाब में मछलियों के मरने का डर भी सताने लगता है. लेकिन घबराइए नहीं, अगर आप थोड़ी सी सावधानी बरतें, तो यही सर्दी आपको 1 से 2 लाख रुपये तक का तगड़ा मुनाफा दे सकती है.
25 से 30 डिग्री है हैप्पी जोन
मछलियों की सेहत और उनकी तेजी से बढ़त के लिए पानी का तापमान बहुत मायने रखता है. विशेषज्ञों का मानना है कि 25 से 30 डिग्री सेल्सियस का तापमान मछलियों के लिए सबसे बेहतरीन होता है. जब पानी बर्फीला होने लगता है, तो मछलियां सुस्त हो जाती हैं. ऐसे में किसान को चाहिए कि वे अपने तालाब की निगरानी बढ़ा दें. पानी को ज्यादा ठंडा होने से बचाने का सबसे आसान तरीका है कि सुबह-शाम तालाब में ताजा पानी भरा जाए. ताजा पानी का तापमान बाहर के ठंडे पानी से थोड़ा अधिक होता है, जो मछलियों को जमने से बचाता है.
कतला, रोहू और मंगल की सुरक्षा
तालाब में मछलियां अलग-अलग परतों में रहती हैं. सबसे ऊपरी सतह पर कतला अपना घर बनाती है, बीच में रोहू का बसेरा होता है, और सबसे नीचे मंगल या मृगल मछलियां रहती हैं. सर्दियों में सबसे ज्यादा खतरा ऊपरी परत की मछलियों को होता है क्योंकि ठंडी हवा सीधी सतह पर टकराती है. इसीलिए रोजाना 2 से 3 घंटे ताजा पानी चलाने की सलाह दी जाती है. इससे पानी की तीनों परतों में ऑक्सीजन और गर्माहट का संतुलन बना रहता है और मछलियां सुरक्षित रहती हैं.
प्रोटीन वाली खास गोली और भूख का ख्याल
सर्दियों में मछलियां खाना कम कर देती हैं, इसलिए उन्हें ऐसा आहार दें जो कम मात्रा में भी उन्हें भरपूर ताकत दे सके. इस मौसम में मछलियों को प्रोटीन युक्त आहार देना बहुत जरूरी है. आप चाहें तो बाजार से मिलने वाली प्रोटीन की गोलियां या खुद तैयार किया हुआ पौष्टिक मिश्रण तालाब में डाल सकते हैं. यह प्रोटीन उनके शरीर में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो उन्हें बीमारियों और ठिठुरन से लड़ने की शक्ति देता है. याद रखें, अच्छी डाइट ही अच्छी कमाई की गारंटी है.
सुस्ती दिखे तो तुरंत लें विशेषज्ञों की मदद
मछली पालन में देखभाल ही बचाव है. अगर आपको तालाब की सतह पर मछलियां तैरती हुई दिखें, वे सुस्त नजर आएं या खाना छोड़ दें, तो इसे मामूली बात न समझें. यह किसी बीमारी या पानी में ऑक्सीजन की कमी का संकेत हो सकता है. ऐसे में बिना देर किए मत्स्य विभाग के दफ्तर या किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें. सावधानी और सही तकनीक अपनाकर 1 से 2 एकड़ के तालाब से भी किसान साल भर में लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं.