Cattle Care Tips: पशुओं को संतुलित आहार नहीं मिला तो बढ़ सकती हैं गंभीर बीमारियां, पशुपालक हो जाएं सावधान
पशुओं में संतुलित आहार की कमी से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जिससे दूध उत्पादन और पशु की सेहत प्रभावित होती है. सही पोषण, मिनरल मिक्सचर और हरा-सूखा चारा देने से इन समस्याओं से बचाव किया जा सकता है. पशुपालकों के लिए यह जानकारी बेहद जरूरी है.
Animal Nutrition: पशुपालन में मुनाफा सिर्फ अच्छी नस्ल या ज्यादा पशु रखने से नहीं होता, बल्कि सही देखभाल और संतुलित आहार से होता है. कई बार पशुपालक यह मान लेते हैं कि हरा चारा ही पशुओं के लिए काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है. जिस तरह इंसानों को अलग-अलग पोषक तत्वों की जरूरत होती है, उसी तरह पशुओं को भी विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है. पोषण की कमी से पशुओं में कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, जिससे दूध उत्पादन और पशु की सेहत दोनों प्रभावित होते हैं.
संतुलित आहार की कमी से बढ़ रही समस्याएं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पशुओं को केवल हरा चारा या एक ही तरह का भोजन देने से उनके शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. इसका असर दूध उत्पादन, प्रजनन क्षमता और पशु की ताकत पर पड़ता है. अगर पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा, सूखा चारा, दाना मिश्रण और मिनरल मिक्सचर दिया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है. सही आहार पशुओं को स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका है.
कैल्शियम और फास्फोरस की कमी से होने वाली बीमारियां
कैल्शियम की कमी से गायों में मिल्क फीवर जैसी बीमारी हो सकती है. इसमें पशु कमजोर हो जाता है और खड़े होने में परेशानी होती है. इससे बचने के लिए कैल्शियम युक्त आहार और मिनरल सप्लीमेंट देना जरूरी होता है. फास्फोरस की कमी से पाइका रोग हो सकता है, जिसमें पशु मिट्टी या लकड़ी जैसी चीजें खाने लगते हैं. इससे दूध उत्पादन और प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है. संतुलित आहार देने से इस समस्या को रोका जा सकता है.
आयरन और मैग्नीशियम की कमी भी खतरनाक
आयरन की कमी से पशुओं में एनीमिया हो सकता है. इसमें पशु कमजोर हो जाता है और सांस फूलने लगती है. वहीं ग्रास टेटनी बीमारी मैग्नीशियम की कमी से होती है, जिसमें पशु के शरीर में कंपकंपी और कमजोरी दिखाई देती है. इन समस्याओं से बचाव के लिए पशुओं को मिनरल मिक्सचर, हरा चारा और संतुलित आहार देना जरूरी होता है.
आयोडीन की कमी से घेंघा रोग का खतरा
पशुओं में आयोडीन की कमी से घेंघा रोग हो सकता है, जिसमें गर्दन में सूजन दिखाई देती है. इससे बचने के लिए पशुओं के भोजन में आयोडाइज्ड नमक मिलाना फायदेमंद माना जाता है. पशुओं की अच्छी सेहत के लिए साफ पानी, संतुलित आहार और नियमित देखभाल बहुत जरूरी है. सही पोषण देने से न केवल बीमारियों से बचाव होता है, बल्कि दूध उत्पादन भी बेहतर रहता है. जागरूकता और सही खानपान अपनाकर पशुपालक अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं और अपनी आय को सुरक्षित बना सकते हैं.