खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए मुफ्त में लगवाएं टीका, नहीं कम होगा दूध उत्पादन.. बढ़ेगी कमाई

पशुओं को खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. यह टीका पशुओं को लंबे समय तक सुरक्षित रखता है और दूध उत्पादन कम होने से बचाता है. समय पर टीकाकरण करवाना पशुपालकों के लिए सबसे आसान और जरूरी उपाय माना जा रहा है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 7 Feb, 2026 | 05:40 PM

Animal Husbandry: पशुपालन से जुड़े लोगों के लिए पशुओं की सेहत सबसे बड़ी पूंजी होती है. जब पशु बीमार पड़ते हैं तो सबसे पहले दूध उत्पादन प्रभावित होता है और कमाई पर सीधा असर पड़ता है. इसी परेशानी से बचाने के लिए इन दिनों पशुओं को एक खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. ये अभियान पशुपालकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, क्योंकि समय पर टीका लगने से पशु लंबे समय तक स्वस्थ रहते हैं और दूध उत्पादन भी बना रहता है.

खतरनाक बीमारी से बचाव की पहल

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पशुओं में फैलने वाली खुरपका-मुंहपका बीमारी  बेहद संक्रामक मानी जाती है. यह बीमारी एक पशु से दूसरे पशु में तेजी से फैल सकती है और पूरे गांव के पशुओं को प्रभावित कर सकती है. इसी खतरे को देखते हुए पशुपालन विभाग द्वारा बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि पशुओं को सुरक्षित रखा जा सके.

बीमारी का असर सीधे दूध पर

जानकारों के मुताबिक जब पशु इस बीमारी की चपेट में आता है तो उसे बुखार हो जाता है और मुंह व पैरों में छाले पड़ने लगते हैं. दर्द और कमजोरी के कारण पशु चारा खाना  कम कर देता है. इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है और कई बार दूध पूरी तरह बंद हो जाता है. इससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है.

गांव-गांव पहुंच रही टीकाकरण टीमें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस अभियान के तहत चार महीने से अधिक उम्र के गाय और भैंसों को मुफ्त टीका लगाया जा रहा है. पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण  कर रही हैं. टीका लगने के बाद पशु के कान में पीले रंग का छल्ला लगाया जाता है, जिससे यह पहचान बनी रहती है कि पशु को टीका लग चुका है. यह टीका हर छह महीने के अंतराल पर लगाया जाता है.

समय पर टीका ही सबसे आसान सुरक्षा

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बीमारी का इलाज  करना कठिन और महंगा हो सकता है, लेकिन टीकाकरण के जरिए इससे आसानी से बचाव किया जा सकता है. यदि समय पर सभी पशुओं को टीका लग जाए तो बीमारी फैलने का खतरा काफी कम हो जाता है. यही वजह है कि पशुपालकों से अपील की जा रही है कि वे अपने पशुओं का टीकाकरण जरूर करवाएं. कुल मिलाकर, नियमित टीकाकरण पशुओं की सेहत बनाए रखने का सबसे आसान और सुरक्षित तरीका माना जा रहा है. इससे पशु स्वस्थ रहते हैं, दूध उत्पादन बना रहता है और पशुपालकों की आय भी सुरक्षित रहती है.

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Published: 7 Feb, 2026 | 05:40 PM

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