अब मोबाइल पर मिलेगी पशुपालन की पूरी गाइड, बिना इंटरनेट भी काम करेगी MP की गौरस ऐप

पशुपालकों की सुविधा के लिए शुरू की गई यह मोबाइल ऐप पशुओं की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य और उत्पादन से जुड़ी उपयोगी जानकारी उपलब्ध कराती है. आसान भाषा और ऑफलाइन सुविधा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इसका लाभ उठा सकते हैं. इससे वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 2 Jun, 2026 | 09:24 PM

Gauras App: मध्य प्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा पशुपालकों की मदद के लिए गौरस मोबाइल ऐप शुरू किया गया है. यह ऐप पशुओं की देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य, प्रजनन और दूध उत्पादन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराता है. खास बात यह है कि यह ऐप इंटरनेट की सीमित उपलब्धता वाले क्षेत्रों में भी उपयोगी साबित हो सकता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के पशुपालकों को बड़ी सुविधा मिलेगी.

पशुओं के पोषण और चारे की पूरी जानकारी

गौरस ऐप में पशुओं के संतुलित आहार  से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई है. इसमें अलग-अलग प्रकार के चारे, उनकी उपयोगिता और पशुओं की उम्र के अनुसार आहार संबंधी सलाह उपलब्ध है. पशुपालक जान सकते हैं कि गाय या भैंस को किस समय कितना चारा देना चाहिए. सही पोषण मिलने से पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और दूध उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलती है.

स्वास्थ्य और टीकाकरण संबंधी सलाह

पशुपालन विभाग के अनुसार ऐप में पशुओं की सामान्य बीमारियों, उनके लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई है. इसके अलावा समय पर टीकाकरण कराने की सलाह और जरूरी स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी उपलब्ध हैं. इससे पशुपालक शुरुआती स्तर पर ही बीमारी की पहचान कर सकते हैं और समय रहते उचित कदम उठा सकते हैं. विभाग का मानना है कि सही जानकारी मिलने से पशुओं की मृत्यु दर कम करने और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

नस्ल चयन और प्रजनन प्रबंधन में मदद

गौरस ऐप में गाय और भैंस की विभिन्न नस्लों  के बारे में जानकारी दी गई है. पशुपालक अपने क्षेत्र, जलवायु और जरूरत के अनुसार बेहतर नस्ल का चयन कर सकते हैं. ऐप में नस्ल की विशेषताएं, दूध उत्पादन क्षमता और देखभाल के तरीके भी बताए गए हैं. इसके साथ ही गर्भाधान, गर्भावस्था के दौरान देखभाल और बछड़े के जन्म के बाद अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी उपलब्ध है. इससे पशुपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करने में सहायता मिलती है.

ऑफलाइन सुविधा से ग्रामीणों को राहत

पशुपालन विभाग का कहना है कि गौरस ऐप एंड्रॉयड मोबाइल पर आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है. एक बार जरूरी जानकारी डाउनलोड होने के बाद इसकी कई सुविधाएं ऑफलाइन भी इस्तेमाल की जा सकती हैं. यही कारण है कि यह ऐप इंटरनेट की कम सुविधा वाले गांवों में भी उपयोगी साबित हो रहा है. जानकारी को अलग-अलग श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है, जिससे पशुपालक अपनी जरूरत के अनुसार विषय आसानी से खोज सकते हैं. सरल भाषा और आसान उपयोग के कारण यह ऐप पशुपालन से जुड़े लोगों  के लिए एक डिजिटल गाइड की तरह काम कर रहा है.

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Published: 2 Jun, 2026 | 09:24 PM

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