नोट छापने की मशीन है जाफराबादी भैंस! कम खर्चे में भरपूर दूध और मोटा मुनाफा, आज ही लाएं घर
Jafrabadi Buffalo: अगर आप भी पशुपालन से अपनी किस्मत बदलना चाहते हैं, तो जाफराबादी भैंस एक शानदार विकल्प है. अपनी विशाल कद-काठी और रोजाना इतना लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है जिसके कारण इसे बाहुबली कहा जाता है. कम रखरखाव और ऊंचे वसा वाले दूध की वजह से यह नस्ल देशभर के किसानों के बीच खूब लोकप्रिय हो रही है.
Buffalo Breed Jafrabadi : आज के दौर में हर किसान चाहता है कि खेती के साथ-साथ कमाई का कोई ऐसा पक्का जरिया हो, जो मुसीबत के समय एटीएम की तरह काम करे. अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं, तो जाफराबादी भैंस से बेहतर कोई और विकल्प नहीं हो सकता. इसे पशुपालन की दुनिया का खली या बाहुबली कहा जाता है, और यह नाम सिर्फ इसकी भारी-भरकम काया की वजह से नहीं, बल्कि इसकी गजब की दूध देने की क्षमता के कारण मिला है. गुजरात के जामनगर और जाफराबाद से निकली यह नस्ल आज यूपी, बिहार और राजस्थान के किसानों की पहली पसंद बन चुकी है.
15-16 लीटर दूध और मलाईदार कमाई का नुस्खा
जाफराबादी भैंस की सबसे बड़ी खासियत इसका दूध है. जहां आम भैंसें 8-10 लीटर पर सिमट जाती हैं, वहीं एक अच्छी जाफराबादी भैंस दिन भर में 15 से 16 लीटर तक दूध आराम से दे देती है. सिर्फ मात्रा ही नहीं, इसके दूध की गुणवत्ता भी लाजवाब होती है. इसमें वसा (Fat) की मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि इससे निकलने वाला घी और खोया बाजार में हाथों-हाथ बिक जाता है. डेयरी चलाने वाले भाइयों के लिए तो यह भैंस किसी नोट छापने वाली मशीन से कम नहीं है.
बाहुबली शरीर और अनोखी पहचान
इस भैंस को देखकर ही आप समझ जाएंगे कि इसे बाहुबली क्यों कहते हैं. एक वयस्क जाफराबादी भैंस का वजन 800 से 1000 किलो तक हो सकता है. इसका बड़ा और भारी सिर, गर्दन की ओर नीचे की तरफ मुड़े हुए मजबूत सींग और बड़ी चमकदार आंखें इसकी शान बढ़ाती हैं. इसके कान लंबे और चौड़े होते हैं, जो इसे अन्य नस्लों से अलग दिखाते हैं. इसकी बनावट इतनी सख्त और मजबूत होती है कि यह किसी भी तरह के मौसम की मार झेलने में माहिर है.
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रखरखाव में आसान और हर माहौल में फिट
अक्सर किसानों को डर लगता है कि महंगी नस्ल की भैंस बीमार ज्यादा पड़ेगी या उसका नखरा ज्यादा होगा. लेकिन जाफराबादी के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह भैंस बेहद मिलनसार और सहनशील होती है. चाहे कड़ाके की ठंड हो या तपती गर्मी, यह खुद को वातावरण के हिसाब से ढाल लेती है. इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत अच्छी होती है, जिसकी वजह से डॉक्टर और दवाइयों का फालतू खर्चा बच जाता है. यानी कम मेहनत और कम खर्च में आपको मिलता है भरपूर मुनाफा.
एक बार का निवेश, सालों तक ऐश
बाजार में एक अच्छी जाफराबादी भैंस की कीमत 80 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक होती है. पहली बार में यह कीमत थोड़ी ज्यादा लग सकती है, लेकिन जब आप इसके दूध और उससे होने वाली कमाई का हिसाब लगाएंगे, तो यह निवेश बहुत छोटा लगने लगेगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आज उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हजारों किसान इस बाहुबली के दम पर अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रहे हैं और एक आलीशान जिंदगी जी रहे हैं. अगर आप भी अमीर बनने का सपना देख रहे हैं, तो अपने तबेले में एक जाफराबादी भैंस जरूर लाएं.