पशुपालक ध्यान दें! गंदगी और नमी से बढ़ सकता है थनैला, बचाव के लिए आज ही करें ये काम

बरसात में नमी और गंदगी दुधारू पशुओं के लिए मुसीबत बन सकती है. इस मौसम में थनैला संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे थन में सूजन, दर्द और दूध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. पशुपालक साफ-सफाई रखें, संक्रमित पशु अलग करें और समय पर डॉक्टर से सलाह लें.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 15 Sep, 2026 | 06:00 AM

Animal Husbandry News: बरसात का मौसम जहां खेती के लिए राहत लेकर आता है, वहीं पशुपालकों के लिए कई चुनौतियां भी बढ़ा देता है. नमी, कीचड़ और गंदगी के कारण दुधारू पशुओं में थनैला यानी मैस्टाइटिस का खतरा बढ़ सकता है. यह संक्रमण पशु के थन को प्रभावित करने के साथ दूध उत्पादन और गुणवत्ता पर भी असर डाल सकता है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार, बारिश के मौसम में पशुओं के बाड़े की साफ-सफाई, थन की स्वच्छता और संक्रमित पशु को अलग रखना बेहद जरूरी है.

नमी और गंदगी से बढ़ता है संक्रमण का खतरा

बरसात के दौरान पशुओं  के रहने की जगह पर नमी लंबे समय तक बनी रहती है. गीला फर्श, गोबर और गंदगी संक्रमण फैलाने वाले कीटाणुओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर सकते हैं. इसके अलावा मक्खियों और अन्य कीटों की संख्या बढ़ने से भी संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए पशुपालकों को बाड़े की नियमित सफाई करनी चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि पशुओं के बैठने की जगह सूखी रहे. जरूरत के अनुसार उपयुक्त कीटाणुनाशक का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.

थन में सूजन और दूध में बदलाव को न करें नजरअंदाज

थनैला होने पर पशु  के थन में सूजन, गर्माहट और दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कई मामलों में दूध का रंग, गाढ़ापन या सामान्य स्वरूप बदल सकता है. दूध सामान्य तरीके से निकलने के बजाय जमा हुआ या असामान्य दिखाई दे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. संक्रमण बढ़ने पर पशु को अधिक परेशानी हो सकती है और दूध उत्पादन में भी कमी आ सकती है. इसलिए शुरुआती लक्षण दिखाई देते ही पशु चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है.

संक्रमित पशु को तुरंत अलग रखें

अगर किसी दुधारू पशु में थनैला के लक्षण  नजर आते हैं तो उसे स्वस्थ पशुओं से अलग रखना चाहिए. खासकर ऐसे स्थानों पर जहां कई पशु एक साथ रहते हैं, वहां संक्रमण फैलने का जोखिम ज्यादा हो सकता है. संक्रमित पशु के लिए इस्तेमाल होने वाले बर्तन, कपड़े और अन्य सामान की अच्छी तरह सफाई करना भी जरूरी है. दूध निकालने वाले व्यक्ति को भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

दूध निकालने से पहले और बाद में रखें सफाई

थनैला से बचाव के लिए दूध  निकालने से पहले और बाद में थन की अच्छी तरह सफाई करना बेहद महत्वपूर्ण है. दूध निकालने के दौरान हाथ और इस्तेमाल होने वाले उपकरण साफ होने चाहिए. बाड़े का फर्श और आसपास का क्षेत्र भी नियमित रूप से साफ रखें. पशु में संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार के भरोसे न रहें और योग्य पशु चिकित्सक से जांच व उपचार की सलाह लें. समय पर पहचान और उचित उपचार से संक्रमण को गंभीर होने से रोकने में मदद मिल सकती है और पशु के स्वास्थ्य के साथ दूध उत्पादन को भी बेहतर बनाए रखने में सहायता मिलती है.

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Published: 15 Sep, 2026 | 06:00 AM

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