नई IVF तकनीक से जल्द तैयार होंगे अच्छी नस्ल के पशु, अब पशुपालकों की बढ़ेगी कमाई
पशुपालन विभाग के अनुसार IVF तकनीक से अच्छी नस्ल के पशु तेजी से तैयार किए जा रहे हैं. इस तकनीक से ज्यादा दूध देने वाले पशु मिल सकते हैं और किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है. देशी नस्लों को बचाने और पशुपालन को मजबूत बनाने में भी यह तकनीक मददगार साबित हो रही है.
Animal Husbandry: अब पशुपालन भी धीरे-धीरे आधुनिक हो रहा है और नई तकनीकों की मदद से किसानों की कमाई बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. ऐसी ही एक नई तकनीक है IVF यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन, जिसकी मदद से अच्छी नस्ल की गाय और भैंस तेजी से तैयार की जा रही हैं. पशुपालन विभाग के अनुसार इस तकनीक से कम समय में ज्यादा दूध देने वाले पशु तैयार किए जा सकते हैं. इससे पशुपालकों को ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है और देशी नस्लों को बचाने में भी मदद मिल रही है.
IVF तकनीक क्या है और कैसे काम करती है
IVF एक वैज्ञानिक तकनीक है जिसमें अच्छी नस्ल की गाय से अंडे लेकर प्रयोगशाला में भ्रूण तैयार किया जाता है. इसके बाद इस भ्रूण को दूसरी सामान्य गाय के शरीर में डाला जाता है. कुछ समय बाद उस गाय से अच्छी नस्ल का बछड़ा पैदा होता है. इस तरीके से कम समय में ज्यादा अच्छे पशु तैयार किए जा सकते हैं. पशुपालन विभाग का कहना है कि यह तकनीक किसानों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो रही है क्योंकि इससे अच्छे पशु जल्दी तैयार हो जाते हैं.
अच्छी नस्ल और ज्यादा दूध का फायदा
IVF तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे ज्यादा दूध देने वाले पशु तैयार किए जा सकते हैं. अच्छी नस्ल के पशु होने से दूध उत्पादन बढ़ता है और पशुपालकों की कमाई भी बढ़ती है. कम समय में ज्यादा अच्छे पशु तैयार होने से पशुपालन का काम मजबूत हो सकता है. इस तकनीक से पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु मिल रहे हैं, जिससे उनका खर्च कम और फायदा ज्यादा हो सकता है.
देशी नस्लों को बचाने में मदद
पशुपालन विभाग देशी नस्लों को बचाने पर भी जोर दे रहा है. IVF तकनीक से साहीवाल, गिर और रेड सिंधी जैसी देशी नस्लों को बढ़ाया जा रहा है. देशी नस्लों की खासियत यह होती है कि वे मौसम के हिसाब से जल्दी ढल जाती हैं और बीमारियां भी कम होती हैं. इसलिए सरकार इन नस्लों को बढ़ावा देने के लिए IVF तकनीक का इस्तेमाल कर रही है.
कम समय में ज्यादा बछड़े
IVF तकनीक की मदद से एक अच्छी गाय से कई बछड़े तैयार किए जा सकते हैं. सामान्य तरीके से एक गाय से साल में एक ही बछड़ा मिलता है, लेकिन IVF तकनीक से ज्यादा बछड़े तैयार करना संभव हो गया है. इससे अच्छी नस्ल के पशुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है और किसानों को बेहतर पशु मिल रहे हैं.
सरकार की पहल और बढ़ती सुविधा
सरकार की राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत देशभर में 20 से ज्यादा IVF लैब बनाई गई हैं. इन लैब में अच्छी नस्ल के पशुओं से भ्रूण तैयार किए जा रहे हैं. अब तक हजारों अच्छे बछड़े इस तकनीक से पैदा हो चुके हैं. सरकार कोशिश कर रही है कि यह सुविधा गांवों तक पहुंचे ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इसका लाभ उठा सकें. पशुपालन विभाग का मानना है कि IVF तकनीक आने वाले समय में पशुपालन को मजबूत बनाएगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करेगी. इससे पशुपालन का काम आसान होगा और अच्छे पशु जल्दी तैयार हो सकेंगे.