बछड़े के जन्म के बाद पहले 20 दिन रखें खास ध्यान, सही देखभाल से बनेगा मजबूत पशु

गाय या भैंस के बछड़े के जन्म के बाद शुरुआती 20 दिन उसकी सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. इस दौरान सही आहार, साफ-सफाई और नियमित देखभाल से बछड़ा मजबूत बनता है. थोड़ी सी सावधानी भविष्य में पशुपालकों को बेहतर दूध उत्पादन और अच्छा मुनाफा दे सकती है.

नोएडा | Updated On: 7 Feb, 2026 | 12:28 PM

Calf Care: पशुपालन में असली खुशी तब होती है, जब गाय-भैंस के साथ-साथ उनका नवजात बछड़ा भी स्वस्थ और मजबूत दिखे. यही छोटा बछड़ा आगे चलकर किसान की कमाई का सहारा बनता है. लेकिन जन्म के बाद के शुरुआती दिन बहुत नाजुक होते हैं. इस समय थोड़ी सी लापरवाही बछड़े की सेहत पर भारी पड़ सकती है. इसलिए पशुपालन से जुड़े जानकार लगातार सलाह देते हैं कि जन्म के बाद के पहले कुछ हफ्तों में खास देखभाल करना बेहद जरूरी है.

जन्म के बाद के शुरुआती दिन सबसे अहम

पशुपालन विशेषज्ञों के अनुसार, गाय या भैंस  के बच्चे के जन्म के तुरंत बाद से ही देखभाल शुरू कर देनी चाहिए. खासकर जन्म के बाद के पहले 20 दिन बछड़े की सेहत के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इस दौरान बछड़े को साफ और सूखी जगह पर रखना चाहिए, जहां ठंड और नमी न हो. रहने की जगह जितनी साफ होगी, बीमारी का खतरा उतना ही कम रहेगा. सही माहौल मिलने पर बछड़ा तेजी से स्वस्थ और मजबूत बनता है.

संतुलित आहार से बढ़ती है ताकत

नवजात बछड़े की पाचन  शक्ति शुरू में कमजोर होती है, इसलिए उसके खाने-पीने पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है. दूध बछड़े के लिए सबसे जरूरी आहार है और इसे नियमित रूप से देना चाहिए.
कई बार दूध पीने के बाद बछड़े को दस्त की समस्या हो सकती है, लेकिन इस वजह से दूध पिलाना बंद नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से बछड़ा और कमजोर हो सकता है. धीरे-धीरे बछड़े को थोड़ा-थोड़ा हरा चारा देना शुरू किया जा सकता है. इससे उसकी पाचन क्षमता मजबूत होती है और शरीर को जरूरी पोषण मिलता है.

छोटी-छोटी सावधानियां बचाती हैं बीमारी से

विशेषज्ञ बताते हैं कि जन्म के बाद साफ-सफाई का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. बछड़े के आसपास गंदगी या नमी होने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. अगर बछड़े को हल्की पाचन समस्या हो जाए तो कुछ आसान घरेलू उपाय भी मदद कर सकते हैं. मेथी और अजवाइन को हल्का भूनकर उसमें गुड़ मिलाकर छोटा गोला बनाकर खिलाने से पाचन बेहतर रहता है. ऐसी छोटी-छोटी सावधानियां बछड़े को बीमार होने से बचाती हैं और उसकी बढ़त को सही दिशा देती हैं.

मां और बच्चे दोनों की देखभाल जरूरी

बछड़े के जन्म के बाद सिर्फ बच्चे की ही नहीं, बल्कि मां की देखभाल भी उतनी ही जरूरी होती है. ब्याई हुई गाय-भैंस को हरा चारा और संतुलित आहार देना चाहिए, ताकि उसका स्वास्थ्य अच्छा बना रहे.
जब मां स्वस्थ रहती है, तो दूध उत्पादन  भी अच्छा होता है और बछड़े को पूरा पोषण मिल पाता है. इससे बछड़ा तेजी से मजबूत बनता है और भविष्य में अच्छा पशु साबित होता है. कुल मिलाकर, पशुपालन में सफलता की शुरुआत बछड़े के जन्म के साथ ही हो जाती है. जन्म के बाद के पहले 20 दिनों में सही देखभाल, साफ-सफाई और संतुलित आहार  पर ध्यान देकर पशुपालक अपने पशुओं का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं. थोड़ी सी समझदारी और नियमित देखभाल से नवजात बछड़ा आगे चलकर मजबूत और लाभ देने वाला पशु बन सकता है.

Published: 7 Feb, 2026 | 12:58 PM

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