Poultry Farming: सिर्फ 2 महीने में एक किलो मुर्गा तैयार, जानिए सही दाना और दवा का पूरा फॉर्मूला
मुर्गी पालन में सही दाना, हरा चारा और समय पर टीकाकरण से तेज ग्रोथ पाई जा सकती है. यदि शुरुआत से प्री-स्टार्टर, फिर स्टार्टर और ग्रोवर फीड दिया जाए तो दो महीने में मुर्गा करीब एक किलो तक पहुंच सकता है. साफ शेड और नियमित देखभाल मुनाफा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
Poultry Farming: अगर आप कम समय में ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, तो मुर्गी पालन आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है. सही दाना, समय पर दवा और थोड़ी सी समझदारी से सिर्फ 60 दिनों में 1 किलो का मुर्गा तैयार किया जा सकता है. कई किसान इस तरीके से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. जरूरत है सही जानकारी और नियमित देखभाल की.
शुरुआत सही दाने से करें
मुर्गियों की तेज ग्रोथ के लिए शुरुआत से ही सही फीड देना जरूरी है. पहले कुछ दिनों तक प्री-स्टार्टर दाना देना चाहिए. इससे चूजों की शुरुआती बढ़त अच्छी होती है. करीब 15 दिन बाद स्टार्टर फीड देना शुरू करें. यह दाना शरीर को मजबूत बनाता है और वजन तेजी से बढ़ाता है. जब मुर्गियां 30 दिन की हो जाएं, तब ग्रोवर फीड देना चाहिए. इस क्रम से दाना बदलने पर मुर्गियों की ग्रोथ तेजी से होती है और दो महीने में वजन करीब 1 किलो तक पहुंच सकता है.
हरा चारा भी है जरूरी
सिर्फ पैकेट वाला दाना ही काफी नहीं है. मुर्गियों को हरा चारा भी देना चाहिए. इससे उन्हें प्राकृतिक विटामिन मिलते हैं और चारे का खर्च भी कम होता है. टमाटर, पत्तागोभी, पालक, मूंग की भाजी जैसे हरे पत्तेदार चारे दिए जा सकते हैं. हरा चारा पाचन ठीक रखता है और शरीर को ताकत देता है. इसके साथ विटामिन और मिनरल की दवा भी समय-समय पर देनी चाहिए. ये हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और बीमारियों से बचाते हैं.
टीकाकरण से मिलेगा पूरा बचाव
मुर्गियों में सर्दी-जुकाम और अन्य बीमारियां जल्दी फैलती हैं. इसलिए समय पर टीका लगवाना बहुत जरूरी है. करीब 7 दिन बाद पहला टीका लगवाया जाता है. इसके बाद 14 दिन और फिर 21 दिन पर अगला टीका दिया जाता है. इन टीकों से खतरनाक बीमारियों से बचाव होता है और मृत्यु दर कम होती है. अगर मुर्गियां सुस्त दिखें, खाना कम खाएं या छींकें, तो तुरंत दवा दें. छोटी बीमारी को नजरअंदाज करने से बड़ा नुकसान हो सकता है.
शेड की सफाई और लाइट का रखें ध्यान
मुर्गी पालन में शेड की साफ-सफाई बहुत जरूरी है. फर्श हमेशा सूखा होना चाहिए. गीलापन रहने से बीमारियां जल्दी फैलती हैं. रोजाना सफाई करें और समय-समय पर दवा का छिड़काव करें. शेड में हल्की गर्माहट भी जरूरी है, खासकर छोटे चूजों के लिए. इसके लिए लाइट लगाई जाती है. अगर मुर्गियों को ठंड लगेगी तो वे शोर मचाती रहेंगी और उनकी ग्रोथ रुक सकती है. सही तापमान मिलने से वे आराम से खाती-पीती हैं और तेजी से बढ़ती हैं.