बदलते मौसम में भी पोल्ट्री फार्मिंग से मिलेगा भारी मुनाफा, बस अपनाएं ये आसान टिप्स

बदलते मौसम में पोल्ट्री फार्मिंग को नुकसान नहीं होगा. सही शेड, तापमान, आहार, पानी, सफाई और टीकाकरण से मुर्गियां स्वस्थ रहेंगी. छोटे चूजों की खास देखभाल जरूरी है. एक्सपर्ट के अनुसार, संतुलित प्रबंधन से अंडा उत्पादन और मुनाफा बढ़ता है, फार्म सुरक्षित रहता है.

नोएडा | Updated On: 14 Feb, 2026 | 05:53 PM

Poultry Health Care: बदलते मौसम ने अब पोल्ट्री फार्मिंग को भी चुनौती दे दी है. कभी तेज गर्मी, कभी लगातार बारिश और अचानक आने वाली ठंडी हवाएं मुर्गियों की सेहत और अंडा उत्पादन पर सीधा असर डालती हैं. ऐसे मौसम में अगर किसान सावधानी न बरतें तो मुर्गियों में बीमारियां फैल सकती हैं और उत्पादन घट सकता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो सकता है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. एक्सपर्ट के अनुसार, अगर किसान शेड, तापमान, पानी, आहार, सफाई और टीकाकरण का सही तरीके से ध्यान रखें, तो मुर्गियां स्वस्थ रहेंगी और फार्म से होने वाला मुनाफा भी जबरदस्त बढ़ जाएगा.

तापमान का सही नियंत्रण जरूरी

मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मौसम के उतार-चढ़ाव से कमजोर हो जाती है. खासकर छोटे चूजों को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि वे बड़े पक्षियों की तुलना में संवेदनशील होते हैं. पोल्ट्री शेड  में तापमान संतुलित रखना बेहद जरूरी है. गर्मी के समय शेड में वेंटिलेशन की व्यवस्था रखें ताकि ताजी हवा आती-जाती रहे. वहीं, अगर रात में ठंड बढ़े या अचानक मौसम ठंडा हो जाए, तो शेड को तिरपाल या पर्दों से ढककर मुर्गियों को ठंड से बचाएं. जरूरत पड़ने पर हीटर या बल्ब का इस्तेमाल करके शेड का तापमान नियंत्रित किया जा सकता है.

संतुलित आहार और पानी का ध्यान

बदलते मौसम में मुर्गियों को पौष्टिक और संतुलित आहार  देना जरूरी है. चारे में विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट डालें. इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. साथ ही हमेशा साफ और ताजा पानी मुर्गियों के लिए उपलब्ध कराना चाहिए. गंदा या पुराना पानी कई बीमारियों की वजह बन सकता है. इसके साथ ही शेड की नियमित सफाई बहुत जरूरी है. मुर्गियों के नीचे बिछावन (लिटर) को हमेशा सूखा रखें. गीली बिछावन से संक्रमण फैल  सकता है. समय-समय पर कीटाणुनाशक का छिड़काव करें. अगर कोई मुर्गी बीमार दिखे, तो उसे तुरंत बाकी मुर्गियों से अलग करें. इससे पूरे झुंड में संक्रमण फैलने से बचता है और फार्म सुरक्षित रहता है.

टीकाकरण में कोई लापरवाही नहीं

बदलते मौसम में बीमारी से बचने का सबसे असरदार तरीका है सही समय पर टीकाकरण. वैक्सीनेशन शेड्यूल का पालन करना बेहद जरूरी है. समय पर टीका लगने से मुर्गियों की जान बचती है और उत्पादन लगातार बना रहता है. किसी भी जानकारी या मदद के लिए किसान अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय  से संपर्क कर सकते हैं. इस तरह बदलते मौसम में भी पोल्ट्री फार्मिंग से नुकसान होने का डर कम हो जाता है. किसान अगर शेड, तापमान, आहार, पानी, सफाई और टीकाकरण का ध्यान रखें, तो मुर्गियां स्वस्थ रहेंगी और अंडा उत्पादन लगातार बढ़ेगा. यही तरीके अपनाकर पोल्ट्री फार्मिंग  से मुनाफा बढ़ाया जा सकता है और फार्म सुरक्षित भी रहेगा.

Published: 14 Feb, 2026 | 09:00 PM

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