कमजोर हो रहे चूजे और घट रहा उत्पादन, गर्मियों में अपनाएं ये जरूरी पोल्ट्री फार्म टिप्स

तेज गर्मी और बढ़ते तापमान का असर पोल्ट्री फार्म पर तेजी से दिख रहा है. हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और जहरीली गैसों से चूजों की सेहत खराब हो सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, सही वेंटिलेशन, साफ-सफाई, पौष्टिक आहार और ठंडक बनाए रखने वाले आसान उपाय अपनाकर चूजों को सुरक्षित और स्वस्थ रखा जा सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 2 May, 2026 | 09:59 PM

Poultry Farming: गर्मी का मौसम इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों के लिए भी मुश्किलें लेकर आता है. तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान पोल्ट्री फार्म में सबसे ज्यादा असर चूजों और मुर्गियों पर डालता है. कई बार सही देखभाल न होने पर चूजों में हीट स्ट्रेस, डिहाइड्रेशन और बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. इससे उनकी वृद्धि रुक जाती है और उत्पादन पर भी असर पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते कुछ आसान वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएं, तो भीषण गर्मी में भी पोल्ट्री फार्म को सुरक्षित रखा जा सकता है और नुकसान से बचा जा सकता है.

शेड में हवा और ठंडक बनाए रखना बेहद जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी में पोल्ट्री फार्म  के शेड का तापमान नियंत्रित रखना सबसे जरूरी काम होता है. अगर शेड के अंदर हवा का सही आवागमन नहीं होगा, तो अमोनिया जैसी जहरीली गैसें बनने लगती हैं. ये गैस चूजों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है. इससे चूजों की सांस लेने की क्षमता प्रभावित होती है और उनका विकास भी रुक सकता है. इसी वजह से गर्मियों में शेड के पर्दे दिन-रात खुले रखने की सलाह दी जाती है ताकि ताजी हवा आती रहे. शेड के अंदर ज्यादा भीड़ भी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा पक्षियों से तापमान तेजी से बढ़ता है. तापमान कम करने के लिए शेड के बाहर गीली बोरियां लटकाकर उन पर समय-समय पर पानी का छिड़काव करना काफी फायदेमंद माना जाता है. इससे अंदर का वातावरण ठंडा बना रहता है.

गीला बिछावन बढ़ा सकता है बीमारी का खतरा

पोल्ट्री फार्म में साफ-सफाई का सीधा असर चूजों की सेहत पर पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मुर्गियों के बैठने वाली जगह यानी बिछावन हमेशा सूखा और साफ होना चाहिए. अगर बिछावन गीला रहेगा, तो उसमें से अमोनिया गैस बनने लगेगी, जिससे चूजों में बीमारी फैलने  का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए समय-समय पर बिछावन बदलना जरूरी माना जाता है. गर्मियों में शेड के अंदर नमी और गंदगी जल्दी बढ़ती है, इसलिए साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. साफ और सूखा वातावरण चूजों को स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाता है और उत्पादन को भी बेहतर बनाता है.

खान-पान में बदलाव से मिलेगी गर्मी से राहत

भीषण गर्मी में चूजों को सही पोषण देना बेहद जरूरी हो जाता है. गर्म मौसम में चूजों के शरीर में पानी की कमी जल्दी होने लगती है, इसलिए उन्हें हर समय साफ और ताजा पानी उपलब्ध कराना चाहिए. पानी की कमी होने पर चूजों में कमजोरी और बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. विशेषज्ञों के मुताबिक चूजों के आहार में विटामिन-सी और पाचक तत्व शामिल करने चाहिए. इसके लिए आहार में आंवला पाउडर मिलाना फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर को गर्मी से लड़ने में मदद करता है. साथ ही पानी में लिवर टॉनिक मिलाने से चूजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता  मजबूत होती है. सही खान-पान से चूजे गर्मी में भी स्वस्थ और सक्रिय बने रहते हैं.

अजोला और प्राकृतिक तरीके बढ़ा रहे उत्पादन

अब पोल्ट्री फार्म में प्राकृतिक आहार  और देसी उपायों का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार अजोला चूजों और मुर्गियों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें प्रोटीन और खनिज भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे चूजों का विकास तेजी से होता है और अंडा उत्पादन भी बढ़ता है. इसके अलावा देसी मुर्गियों को खुले मैदान में छोड़ना भी फायदेमंद माना जाता है. इससे उन्हें प्राकृतिक आहार मिलता है और वे बाहरी परजीवियों को खाकर खुद को स्वस्थ रखती हैं. यह तरीका पशुओं को भी फायदा पहुंचाता है. छोटे-छोटे वैज्ञानिक और प्राकृतिक उपाय अपनाकर पोल्ट्री फार्म संचालक गर्मी के मौसम में अपने चूजों को सुरक्षित रख सकते हैं और आर्थिक नुकसान से बच सकते हैं.

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Published: 2 May, 2026 | 09:59 PM
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