Tip Of The Day: मुर्गी पालन के 3 गोल्डन टिप्स.. फॉलो किया तो नहीं होगा नुकसान, बचेंगे चूजे और बढ़ेगा मुनाफा

Murgi Palan Ke Tips: पॉल्ट्री फार्मिंग में चूजों की सही देखभाल सबसे अहम होती है, खासकर सर्दियों के मौसम में. सही तापमान, साफ-सफाई, सीमित आवाजाही और संतुलित आहार से चूजों की मृत्यु दर कम की जा सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, 35 से 25 डिग्री सेल्सियस के नियंत्रित तापमान और सही वजन सीमा (ढाई किलो) तक पालन करने से किसान कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.

नोएडा | Updated On: 10 Feb, 2026 | 12:04 PM

Poultry Farming Tips: पॉल्ट्री फार्मिंग एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें फायदा जितना है, उतनी ही चुनौतियां और नुकसान की संभावना भी रहती है. खासकर बदलते मौसम में चूजों की देखभाल सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. मौसम की मार, संक्रमण और गलत तापमान की वजह से कई चूजे बड़े होकर बिकने से पहले ही मर जाते हैं. ऐसे में फार्मर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

सर्दियों में मुर्गी पालन की विशेषताएं

एक्सपर्ट की माने तो बदलते मौसम में मुर्गियों की सुरक्षा और सही वातावरण सुनिश्चित करना सबसे जरूरी है. उनके अनुसार, चूजों को गर्म रखने के लिए फार्म का पूरा क्षेत्र ढका हुआ होना चाहिए. साथ ही वेंटिलेशन और हाइजीन का खास ध्यान रखना अनिवार्य है.

चूजों के लिए सही तापमान

अंडे से चूजा निकलने के पहले सप्ताह में तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए. दूसरे सप्ताह में यह 30 डिग्री सेल्सियस और तीसरे सप्ताह में 25 डिग्री सेल्सियस तक कम किया जा सकता है. इस दौरान चूजों के निवास स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति का प्रवेश न हो ताकि संक्रमण का खतरा कम रहे. तीसरे सप्ताह से 38वें दिन तक, 25 डिग्री सेल्सियस पर चूजे ढाई किलो तक वजनी होकर विकसित हो जाते हैं और बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं.

वजन और आहार का संतुलन

फार्मर्स को चूजों का वजन ढाई किलो से अधिक नहीं होने देना चाहिए. ढाई किलो तक का वजन हासिल करने के लिए आहार का रेश्यो सही रखना सबसे जरूरी है. उदाहरण के तौर पर, एक किलो दाना देने पर चूजे डेढ़ किलो तक बढ़ सकते हैं. अगर चूजों का वजन इससे अधिक बढ़ जाता है, तो आहार की खपत बढ़ जाती है और फार्मर्स का नुकसान बढ़ सकता है. इसलिए ढाई किलो तक वजनी चूजों को ही बिक्री के लिए तैयार करना सही होता है.

सही देखभाल से मुनाफा सुनिश्चित करें

चूजों की देखभाल में सही तापमान, हाइजीन और आहार प्रबंधन से फार्मर्स अपने नुकसान को कम कर सकते हैं और मुनाफा बढ़ा सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर शुरुआत में ही सही उपाय अपनाए जाएं, तो पॉल्ट्री फार्मिंग न सिर्फ आपकी रोजी-रोटी का साधन बन सकती है, बल्कि लाखों-करोड़ों रुपए की आमदनी देने वाला व्यवसाय भी बन सकती है.

पॉल्ट्री फार्मिंग में सफलता का मूल मंत्र है-सर्दियों में चूजों का तापमान नियंत्रित रखना, संक्रमण से बचाना, आहार का संतुलन बनाए रखना और समय पर ढाई किलो तक वजनी चूजों को बिक्री के लिए तैयार करना. इन सरल लेकिन महत्वपूर्ण उपायों से छोटे से बड़े फार्म तक, सभी फार्मर्स अपने व्यवसाय को सुरक्षित और लाभकारी बना सकते हैं.

Published: 10 Feb, 2026 | 11:47 AM

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