Mukhyamantri Mangla Pashu Bima Yojana: राजस्थान के गांवों में पशु सिर्फ पशुधन नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की कमाई और रोजी-रोटी का आधार हैं. ऐसे में अगर बीमारी, दुर्घटना, सर्पदंश या प्राकृतिक आपदा से अचानक किसी पशु की मौत हो जाए तो पशुपालक की पूरी आर्थिक व्यवस्था हिल जाती है. इसी जोखिम को कम करने के लिए राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना शुरू की है. खास बात यह है कि पात्र पशुपालकों को पशुओं का बीमा कराने के लिए अपनी जेब से एक भी रुपया प्रीमियम नहीं देना होगा. सरकार खुद बीमा का पूरा खर्च उठाएगी.
गाय-भैंस से लेकर भेड़-बकरी और ऊंट तक का बीमा
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालक अपने महत्वपूर्ण पशुओं का निःशुल्क बीमा करा सकते हैं. योजना में एक परिवार अधिकतम 2 गाय, 2 भैंस या 1 गाय और 1 भैंस का बीमा करा सकता है. इसके अलावा 10 भेड़, 10 बकरी या 10 ऊंट तक का बीमा कराने की सुविधा दी गई है. योजना का उद्देश्य खासतौर पर छोटे, सीमांत और पारंपरिक पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा देना है. अगर बीमित पशु की योजना की निर्धारित शर्तों के तहत मृत्यु हो जाती है, तो पशुपालक को नियमानुसार आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा. इससे परिवार को दोबारा पशु खरीदने और अपना पशुपालन व्यवसाय जारी रखने में मदद मिलेगी.
बिना ईयर टैग के नहीं मिलेगा योजना का लाभ
योजना में पशु की पहचान को लेकर सरकार ने स्पष्ट नियम बनाए हैं. बीमा के लिए पशु के कान में आधिकारिक 12 अंकों वाला ईयर टैग लगा होना जरूरी है. बिना ईयर टैग वाले पशु का बीमा नहीं किया जाएगा. अगर पशु के कान में टैग नहीं लगा है तो पशुपालक को सबसे पहले पशु चिकित्सक के माध्यम से उसकी टैगिंग करवानी होगी. इसके बाद ही बीमा के लिए पंजीकरण कराया जा सकेगा. यह व्यवस्था बीमा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और सही पशु की पहचान सुनिश्चित करने के लिए की गई है.
जन आधार से आवेदन, इन पशुपालकों को प्राथमिकता
योजना का लाभ लेने के लिए जन आधार कार्ड महत्वपूर्ण दस्तावेज है. सरकार ने योजना में गोपाल क्रेडिट कार्ड धारकों और ‘लखपति दीदी’ योजना से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया है. पशुपालक आवेदन के लिए जन आधार कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाते या पासबुक की जानकारी, मोबाइल नंबर और पशु के ईयर टैग से संबंधित विवरण तैयार रखें. दस्तावेज सही होने पर आवेदन प्रक्रिया आसान हो जाती है.
ई-मित्र, ऑनलाइन पोर्टल या ऐप से करें आवेदन
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया को आसान रखा गया है. पात्र पशुपालक ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या नजदीकी ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. ई-मित्र पर जाकर भी पंजीकरण कराया जा सकता है. पशुपालकों के लिए यह योजना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पशु की अचानक मृत्यु होने पर होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान से उन्हें सुरक्षा मिल सकती है. खासकर ग्रामीण परिवारों के लिए एक पशु की कीमत सिर्फ उसकी बाजार कीमत नहीं होती, बल्कि उससे जुड़ी दूध की आय और पूरे परिवार की आजीविका भी होती है. ऐसे में मुफ्त पशु बीमा योजना पशुपालकों के लिए मुश्किल समय में बड़ा आर्थिक सहारा साबित हो सकती है.