Rashtriya Gopal Ratna Award 2026: पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र से जुड़े किसानों के लिए अच्छी खबर है. केंद्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए जल्द आवेदन शुरू होने वाले हैं. देश के पशुपालक किसान, डेयरी सहकारी समितियां और कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकेंगे. इस बार आवेदन की प्रक्रिया 10 अगस्त से शुरू होकर 10 सितंबर तक चलेगी. यानी पात्र लोगों के पास आवेदन करने के लिए करीब एक महीने का समय रहेगा. सरकार का उद्देश्य अच्छे काम करने वाले पशुपालकों और डेयरी से जुड़े संगठनों को पहचान देना और देश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देना है.
तीन मुख्य श्रेणियों में मिलेगा पुरस्कार
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वालों को सम्मानित किया जाएगा. इसमें पहली श्रेणी देशी गाय और भैंस पालने वाले सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान की है. दूसरी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति, मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी और डेयरी किसान उत्पादक संगठन (FPO) को शामिल किया गया है. वहीं तीसरी श्रेणी सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन के लिए रखी गई है. इसके अलावा पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों में डेयरी विकास को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष पुरस्कार भी दिया जाएगा.
विजेताओं को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का पुरस्कार
सर्वश्रेष्ठ डेयरी किसान और सर्वश्रेष्ठ डेयरी सहकारी समिति/एफपीओ/मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी की श्रेणी में विजेताओं को नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा. पहला स्थान हासिल करने वाले को 5 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर आने वाले को 3 लाख रुपये और तीसरे स्थान के विजेता को 2 लाख रुपये दिए जाएंगे. इसके साथ ही विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा. विशेष पुरस्कार की श्रेणी में विजेता को 2 लाख रुपये तक का नकद इनाम दिया जाएगा.
हालांकि, सर्वश्रेष्ठ कृत्रिम गर्भाधान तकनीशियन की श्रेणी में नकद पुरस्कार नहीं रखा गया है. इस श्रेणी में चुने गए विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा.
10 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. इच्छुक पशुपालक और पात्र संस्थाएं राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in) के जरिए आवेदन कर सकती हैं. आवेदन की शुरुआत 10 अगस्त से होगी और इसकी अंतिम तारीख 10 सितंबर तय की गई है. इसलिए पात्र लोगों को आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लेना चाहिए.
26 नवंबर को होगा पुरस्कार वितरण
राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार के विजेताओं को 26 नवंबर को सम्मानित किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इस तरह के पुरस्कारों से पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में अच्छा काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा. देश में दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अच्छी नस्ल के पशुओं, बेहतर डेयरी प्रबंधन और कृत्रिम गर्भाधान जैसी तकनीकों को बढ़ावा देना भी इस पहल का अहम हिस्सा है. पशुपालक किसान आवेदन करने से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी पूरी जानकारी आधिकारिक पोर्टल https://dahd.nic.in पर जरूर जांच लें. इससे आवेदन करते समय किसी तरह की गलती या परेशानी से बचा जा सकेगा.