बीमार पशु को तुरंत बचाएं, बस इस नंबर पर कॉल करें और डॉक्टर मिनटों में पहुंचेंगे आपके घर

बीमार पशुओं के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने टोल फ्री हेल्पलाइन 1962 शुरू की है. कॉल करते ही प्रशिक्षित पशु चिकित्सक मिनटों में घर आकर इलाज करेंगे. इससे किसान को फायदा और पशुओं का स्वास्थ्य सुरक्षित रहेगा. सेवा राज्यभर में उपलब्ध है.

नोएडा | Updated On: 26 Oct, 2025 | 01:39 PM

पशुपालक और किसान भाइयों के लिए राहत की खबर है. अब आपके पशु बीमार होने पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा. मध्यप्रदेश सरकार की पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने एक टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की है, जिसके जरिए मिनटों में पशु चिकित्सक आपके घर आकर मदद करेंगे. यह पहल न केवल पशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगी, बल्कि किसानों की आमदनी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगी.

पशु हेल्पलाइन- 1962

मध्यप्रदेश सरकार ने पशुपालकों  की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1962 शुरू किया है. किसान और पशु पालक इस नंबर पर कॉल करके अपने बीमार पशु के लिए तुरंत चिकित्सक बुला सकते हैं. यह सेवा हर जिले में उपलब्ध है और कॉल करने के बाद पशु चिकित्सक मिनटों में घर पहुंचते हैं.

चलित पशु एंबुलेंस

पशु हेल्पलाइन के माध्यम से पशु एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध है. बीमार या घायल पशु को सुरक्षित तरीके से चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाया जाता है. इस सेवा से पशुओं की जान बचाने में मदद मिलती है और किसान को भी तत्काल राहत मिलती है.

पशु चिकित्सक की त्वरित मदद

पशु बीमार होने पर देर करना कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है. हेल्पलाइन के जरिए कॉल करने पर प्रशिक्षित पशु चिकित्सक  तत्काल निदान करते हैं, दवा और उपचार प्रदान करते हैं. इससे पशु जल्दी ठीक होते हैं और दूध या अन्य उत्पाद की कमी से किसान का नुकसान नहीं होता.

ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधा

यह सेवा सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है. ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी चलित पशु चिकित्सा इकाई पहुंचती है. इससे गांवों के पशुपालक अब लंबी दूरी तय किए बिना अपने पशुओं का उपचार करवा सकते हैं. मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है. समय पर उपचार मिलने से पशुओं की मृत्यु दर कम होती है, उत्पादन बढ़ता है और किसान की आमदनी सुरक्षित रहती है. साथ ही यह सेवा पशुओं के स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी भी रखती है.

एक्स्ट्रा जानकारी

यह पहल किसानों के जीवन को आसान बनाने के साथ-साथ पशुपालन को भी सुरक्षित और लाभकारी बना रही है. अब पशुपालक बिना किसी चिंता के अपने पशुओं की देखभाल कर सकते हैं.

Published: 26 Oct, 2025 | 02:55 PM

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