UP Dairy Mission: उत्तर प्रदेश में डेयरी और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाओं को जमीन पर उतारने का काम तेज हो गया है. नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत झांसी, कानपुर और चित्रकूट मंडल के करीब 1,200 लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के जरिए 11 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई. यह जानकारी 11 सितंबर को झांसी में आयोजित डेयरी कॉन्क्लेव के दौरान दी गई. इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस डेयरी कारोबार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, ग्रामीण लोगों को डेयरी से जोड़ने और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने पर रहा.
तीन मंडलों की परियोजनाओं के लिए 13.5 करोड़ रुपये जारी
उत्तर प्रदेश की डेयरी कमिश्नर धनलक्ष्मी के. के अनुसार, राज्य की 2022 की दुग्ध नीति के तहत झांसी, कानपुर और चित्रकूट मंडल की अलग-अलग डेयरी परियोजनाओं के लिए 13.5 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं. इससे डेयरी से जुड़े नए काम शुरू करने, मौजूदा गतिविधियों को बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर दूध उत्पादन व कारोबार को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है. सरकार का जोर ग्रामीण इलाकों में डेयरी को सिर्फ पशुपालन तक सीमित रखने के बजाय इसे नियमित आमदनी का जरिया बनाने पर है.
22 नई दुग्ध सहकारी समितियों को मिला पंजीकरण
कॉन्क्लेव के दौरान 22 नई बहुउद्देशीय दुग्ध सहकारी समितियों को आधिकारिक पंजीकरण प्रमाण पत्र भी दिए गए. इन समितियों के जरिए किसानों और पशुपालकों को एक साथ जोड़कर दूध के संग्रह, बिक्री और दूसरी जरूरतों को बेहतर तरीके से संभालने की कोशिश की जा सकती है. सहकारी समितियां बनने से छोटे पशुपालकों को बाजार तक पहुंच बनाने में भी मदद मिल सकती है. इससे उन्हें दूध बेचने के साथ डेयरी कारोबार से जुड़ी दूसरी सुविधाओं का लाभ लेने का रास्ता मिल सकता है.
कॉन्क्लेव में 1,000 से ज्यादा पशुपालक शामिल
झांसी में हुए इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड क्षेत्र के 1,000 से ज्यादा पशुपालक, किसान और डेयरी कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे लोग शामिल हुए. खास बात यह रही कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने वालों में 70 फीसदी से ज्यादा महिलाएं थीं. इससे साफ है कि यूपी सरकार डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका बढ़ाने पर खास जोर दे रही है. ग्रामीण इलाकों में महिलाएं पहले से ही पशुपालन और दूध से जुड़े काम में बड़ी भूमिका निभाती हैं. ऐसे में उन्हें प्रशिक्षण, आर्थिक मदद और कारोबार के बेहतर साधन उपलब्ध कराने से परिवार की आमदनी बढ़ाई जा सकती है.
आधुनिक डेयरी उपकरणों की जानकारी भी दी गई
कार्यक्रम में पराग, बलिनी, नमस्ते इंडिया, भोले बाबा, सामर्थ्य और इंडियन बैंक समेत कई संस्थानों ने स्टॉल लगाए. इन स्टॉल पर डेयरी से जुड़े आधुनिक उपकरण, सेवाएं और दूसरी सुविधाओं की जानकारी दी गई. इससे किसानों और पशुपालकों को यह समझने का मौका मिला कि नई तकनीक की मदद से दूध उत्पादन, पशुओं की देखभाल और डेयरी कारोबार को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है. बैंकिंग संस्थान की मौजूदगी से वित्तीय मदद और डेयरी कारोबार से जुड़े लोन की जानकारी मिलने का भी अवसर मिला.
डिजिटल माध्यम से प्रदेशभर के किसानों को जोड़ा गया
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुपालन और डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह भी शामिल हुए. इसके अलावा डिजिटल माध्यम से प्रदेश के दूसरे हिस्सों के किसानों और पशुपालकों को भी कार्यक्रम से जोड़ा गया. सरकार की कोशिश है कि डेयरी क्षेत्र में योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे. खासकर बुंदेलखंड जैसे इलाकों में डेयरी को मजबूत करने से किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी का साधन मिल सकता है.
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत सीधे खाते में राशि, नई सहकारी समितियों का गठन और डेयरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड जारी होना इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं. आने वाले समय में इन योजनाओं का असर दूध उत्पादन, ग्रामीण रोजगार और पशुपालकों की आय पर कितना पड़ता है, यह देखना अहम होगा.