UP की गोशालाओं में ‘AC’ फेल! अब इस तरीके से गायों को हीटवेव से बचाएगी सरकार

उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच गोशालाओं में रह रहे गोवंश को लू से बचाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं. सरकार ने जूट के बोरों पर पानी का छिड़काव कराने, स्वच्छ पानी और चारे की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों को लगातार निगरानी करने को कहा गया है.

नोएडा | Published: 24 May, 2026 | 11:48 AM

UP Gaushala: उत्तर प्रदेश में पड़ रही प्रचंड गर्मी ने इंसानों के साथ-साथ पशुओं की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं. तेज धूप और लू का असर अब गोशालाओं में रह रहे गोवंश पर भी दिखाई देने लगा है. ऐसे में पशुपालन विभाग ने गायों को गर्मी से बचाने के लिए नया तरीका अपनाया है. गोशालाओं में जूट के बोरे लगाकर उन पर लगातार पानी का छिड़काव कराया जा रहा है, ताकि गर्म हवा अंदर न आ सके और गोवंश को राहत मिल सके. जिले में पशुपालन विभाग की ओर से 102 गोशालाओं में करीब 12,700 गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है. इसके अलावा नगर निकायों द्वारा भी अलग-अलग स्थानों पर गोशालाएं संचालित की जा रही हैं. हालांकि इसके बावजूद बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश अब भी सड़कों और खेतों में घूमते दिखाई दे रहे हैं.

जूट के बोरे बनेंगे ‘कूलिंग सिस्टम’

पशुपालन विभाग का कहना है कि गोशालाओं में एयर कूलर या एसी जैसी सुविधाएं हर जगह संभव नहीं हैं. इसलिए देसी और सस्ता उपाय  अपनाया गया है. जिन दिशाओं से गर्म हवा आती है, वहां जूट के बोरे लगाए जा रहे हैं. इन बोरों पर समय-समय पर पानी डाला जाएगा, जिससे ठंडी हवा अंदर पहुंचे और गोवंश को राहत मिले. अधिकारियों का मानना है कि यह तरीका गांवों और कस्बों की गोशालाओं के लिए काफी असरदार साबित हो सकता है. इससे तापमान को कुछ हद तक कम रखने में मदद मिलेगी. साथ ही गोशालाओं में पंखों और छांव की भी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं.

पानी और चारे की कमी नहीं होगी

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय ने कहा कि गोशालाओं में स्वच्छ पानी और हरे चारे  की पर्याप्त व्यवस्था रखना बेहद जरूरी है. गर्मी में पशुओं को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, इसलिए केयर टेकरों को लगातार निगरानी रखने को कहा गया है. गोशाला संचालकों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी गोवंश को पानी या चारे की कमी नहीं होनी चाहिए. इसके साथ ही बीमार और कमजोर पशुओं पर विशेष नजर रखने को कहा गया है. विभाग ने यह भी साफ किया है कि अगर किसी गोशाला में लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी.

अधिकारियों को निरीक्षण के आदेश

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सभी नोडल अधिकारियों को गोशालाओं का निरीक्षण  करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि वे मौके पर जाकर देखें कि गर्मी से बचाव के लिए किए गए इंतजाम सही तरीके से लागू हो रहे हैं या नहीं. निरीक्षण के बाद रिपोर्ट भी प्रशासन को सौंपी जाएगी. वहीं किसान संगठन लगातार निराश्रित गोवंश के संरक्षण को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. विभाग का दावा है कि जिले में दो बड़ी नई गोशालाएं खोलने के प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं. अगर मंजूरी मिलती है तो बड़ी संख्या में निराश्रित गोवंश को वहां रखा जा सकेगा. भीषण गर्मी के बीच सरकार का यह नया प्रयोग कितना असरदार साबित होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा. फिलहाल जूट के बोरे और पानी का छिड़काव ही गोवंश को लू से बचाने का बड़ा सहारा बने हुए हैं.

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