धान छोड़ किसान ने शुरू की गेंदे की खेती, अब कई गुना बढ़ गई कमाई.. इस योजना से बदली किस्मत

आनंदराम सिदार की सफलता से रायगढ़ जिले में गेंदा जैसी नगदी फसलों की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है. अब कई किसान धान की जगह फूलों की खेती को एक बेहतर और फायदे वाला विकल्प मानकर अपना रहे हैं. आनंदराम का कहना है कि शुरुआत में उन्हें थोड़ा जोखिम लगा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग और सही समय पर देखरेख की वजह से उनकी किस्मत बदल गई.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 3 May, 2026 | 05:17 PM

Successful Farmer: छत्तीसगढ़ में किसान अब पारंपरिक धान की खेती से हटकर फूलों की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे उनकी आमदनी में अच्छा सुधार हो रहा है. उद्यानिकी विभाग और सरकारी योजनाओं की मदद से किसान गेंदा और गुलाब जैसे फूलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती कर रहे हैं, जिससे कम लागत में कई गुना ज्यादा मुनाफा मिल रहा है. राष्ट्रीय बागवानी मिशन और विभाग से मिल रहे प्रशिक्षण के कारण किसान बेहतर उत्पादन ले पा रहे हैं. आनंदराम सिदार जैसे किसानों की सफलता देखकर अब गांव के अन्य किसान भी पारंपरिक खेती छोड़कर फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं.

जहां एक तरफ पारंपरिक खेती में किसानों को कम मुनाफा मिल रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा ब्लॉक के कोड़केल गांव के किसान आनंदराम सिदार ने नई सोच से अपनी किस्मत बदल दी  है. उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन की गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना का लाभ उठाकर फूलों की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय में कई गुना बढ़ोतरी हुई है.

धान की जगह गेंदे की खेती

छत्तीसगढ़ जनसंपर्क के मुताबिक, आनंदराम सिदार पहले पारंपरिक धान की खेती करते थे. वे करीब 10 क्विंटल धान पैदा कर लगभग 31 हजार रुपये कमाते थे, जिसमें से लागत निकालने के बाद उन्हें सिर्फ 22 हजार रुपये का ही फायदा होता था. लेकिन उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 0.400 हेक्टेयर जमीन पर गेंदा फूल की खेती शुरू की, जिससे उनकी आय में अचानक बड़ा बदलाव आया और कमाई काफी बढ़ गई.

44 क्विंटल गेंदा फूल का उत्पादन किया

साल 2025-26 में उद्यानिकी विभाग ने आनंदराम सिदार को उन्नत बीज, सही तरीके से खाद इस्तेमाल करने और आधुनिक खेती  की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया. उनकी मेहनत और विभाग की मदद से उन्होंने करीब 44 क्विंटल गेंदा फूल का उत्पादन किया और इसे बेचकर 3 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई की. धान की खेती के मुकाबले उन्हें कम समय में ज्यादा मुनाफा मिला.

नगदी फसलों के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा

आनंदराम सिदार की सफलता से रायगढ़ जिले में गेंदा जैसी नगदी फसलों की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ा है. अब कई किसान धान की जगह फूलों की खेती को एक बेहतर और फायदे वाला विकल्प मानकर अपना रहे हैं. आनंदराम का कहना है कि शुरुआत में उन्हें थोड़ा जोखिम लगा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के तकनीकी सहयोग और सही समय पर देखरेख की वजह से उनकी किस्मत बदल गई. अब वे आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवार को बेहतर जीवन दे पा रहे हैं.

अब जिंदगी पूरी तरह बदल गई

रायगढ़ जिले में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की गेंदा क्षेत्र विस्तार योजना से जुड़ने के बाद आनंदराम सिदार की जिंदगी पूरी तरह बदल गई. उद्यानिकी विभाग की सक्रिय भूमिका से फूलों की खेती  अब एक टिकाऊ और मुनाफे वाला व्यवसाय बनकर उभर रही है. विभाग लगातार किसानों को प्रशिक्षण और प्रोत्साहन दे रहा है, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है.

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Published: 3 May, 2026 | 05:16 PM
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