Chhattisgarh News : आजादी के 78 साल बाद छत्तीसगढ़ के कई ऐसे गांवों में पहली बार बिजली पहुंची है, जहां कभी अंधेरा ही लोगों की किस्मत माना जाता था. अब इन गांवों में सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि खेत भी रोशन होंगे. बिजली मिलने से किसानों को सिंचाई, कृषि उपकरण और आधुनिक खेती की सुविधा मिलेगी, जिससे फसल उत्पादन बढ़ने के साथ उनकी आय में भी सुधार होने की उम्मीद है.
अब सिंचाई होगी आसान, खेती को मिलेगा बड़ा सहारा
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ (KCG) और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी (MMA) के कई नक्सल प्रभावित गांवों में पहली बार ग्रिड की बिजली पहुंची है. अब किसान डीजल पंप या बारिश पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहेंगे. बिजली मिलने से खेतों में सिंचाई करना आसान होगा और कृषि कार्यों में मशीनों का उपयोग बढ़ेगा. इससे खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.
दुर्गम जंगलों में बिछीं बिजली लाइनें, गांवों तक पहुंची रोशनी
इन सुदूर वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से बिजली नहीं थी. विभाग ने कठिन जंगलों और पहाड़ी इलाकों में 11 केवी बिजली लाइनें बिछाईं और ट्रांसफॉर्मर लगाए. इस प्रयास के बाद दर्जनों गांव पहली बार बिजली से जुड़े हैं. यह बदलाव सिर्फ घरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खेती, छोटे कारोबार और ग्रामीण जीवन को भी नई दिशा देगा.
#WATCH खैरागढ़, छत्तीसगढ़: KCG कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल ने कहा, “यह कभी नक्सल प्रभावित इलाका हुआ करता था तो इसी कारण यहां कुछ ऐसे क्षेत्र थे, जहां जाना भी संभव नहीं था। अब नक्सलवाद से हमें मुक्ति मिल रही है। हमारे ऐसे करीब 10 गांव थे जहां पूर्व में कभी बिजली की व्यवस्था नहीं हो… https://t.co/9WILVpjvwg pic.twitter.com/IN9oixBGwI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 25, 2026
बच्चों की पढ़ाई और गांव की सुविधाओं में होगा सुधार
अब तक इन गांवों के बच्चे लालटेन और चिमनी की रोशनी में पढ़ाई करते थे. बिजली आने से उन्हें बेहतर माहौल मिलेगा. मोबाइल चार्जिंग, इंटरनेट और डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाएं भी आसान होंगी. इसके साथ ही गांवों में सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंच सकेगा और लोगों का जीवन पहले से अधिक सुविधाजनक बनेगा.
#WATCH खैरागढ़, छत्तीसगढ़: नक्सल प्रभावित इलाकों में 78 साल बाद बिजली आई है, इससे शिक्षा और किसानों को बढ़ावा मिलेगा। (25.06) pic.twitter.com/DJHRT0ZPe5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 25, 2026
सरकार का लक्ष्य गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना
ANI के प्रकाशित विडियो के अनुसार, खैरागढ़ के कलेक्टर इंद्रजीत चंद्रवाल ने बताया कि ये इलाका कभी नक्सल प्रभावित था, इसलिए कुछ गांवों तक पहुंचना भी मुश्किल था. अब हालात बदल रहे हैं और करीब 10 ऐसे गांवों में पहली बार बिजली की व्यवस्था की गई है, जहां पहले यह सुविधा नहीं थी. उन्होंने कहा कि विभागों के सहयोग से बिजली पहुंचाई गई है और इसका सबसे बड़ा लाभ किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीण परिवारों को मिलेगा. वहीं, “नियद नेल्ला नार” जैसी सरकारी योजनाओं के तहत बिजली, सड़क, स्वास्थ्य सेवाएं और मोबाइल टावर जैसी सुविधाएं भी तेजी से इन इलाकों तक पहुंचाई जा रही हैं. इससे गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे और ग्रामीणों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.