संसद में शिवराज सिंह चौहान बड़ा दावा.. 44 फीसदी बढ़ा उत्पादन और कई किसानों की आय हुई दोगुनी

संसद में सरकार ने दावा किया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं. MSP, फसल बीमा, पीएम-आशा और भावांतर योजना के जरिए किसानों को सही दाम और सुरक्षा मिल रही है. केंद्र सरकार के अनुसार, इन प्रयासों से कई किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है और उन्हें आर्थिक राहत मिली है.

नोएडा | Updated On: 24 Mar, 2026 | 02:41 PM

MSP Policy: देश के करोड़ों किसानों के लिए संसद से एक राहत भरी खबर सामने आई है. खेती में मेहनत करने वाले किसानों को अब उनकी फसल का सही दाम दिलाने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाने का दावा किया है. लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि अब किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनकी आय को सुरक्षित करने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाई गई है.

किसानों की आय बढ़ी, कई की हुई दोगुनी

लोकसभा में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार का सबसे बड़ा लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना  है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में खेती के उत्पादन में करीब 44 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है. सरकार का दावा है कि नई योजनाओं और बेहतर सुविधाओं के चलते कई किसानों की आय दोगुनी तक पहुंची है. इसके लिए खेती को आधुनिक बनाने और किसानों को नई तकनीक से जोड़ने पर जोर दिया गया है. उनका कहना है कि अब सिर्फ ज्यादा फसल उगाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि किसानों की जेब में ज्यादा पैसा पहुंचे, इस पर काम किया जा रहा है.

MSP और रिकॉर्ड खरीदी से मिला बड़ा सहारा

केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में बताया कि किसानों को सही दाम दिलाने  के लिए MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य को मजबूत किया गया है. अब MSP इस तरह तय किया जा रहा है कि किसानों को लागत से करीब 50 प्रतिशत ज्यादा फायदा मिले. उन्होंने कहा कि पहले सिर्फ MSP घोषित होता था, लेकिन अब उस पर बड़े स्तर पर खरीदी भी की जा रही है. गेहूं, धान, दलहन और तिलहन जैसी फसलों की रिकॉर्ड खरीदी की गई है, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिला है. सरकार का मानना है कि जब तक खरीदी मजबूत नहीं होगी, तब तक किसानों को असली लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए इस दिशा में लगातार काम हो रहा है.

MSP और योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने का बड़ा दावा

PM-आशा, भावांतर और बीमा से आय हुई सुरक्षित

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों की आय को सुरक्षित रखने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इनमें पीएम-आशा योजना, भावांतर भुगतान योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना  शामिल हैं. उन्होंने बताया कि पीएम-आशा के तहत तीन तरह की व्यवस्था है-सीधी खरीदी, MSP और बाजार भाव के अंतर का भुगतान, और जरूरत पड़ने पर अन्य मदद. फसल बीमा योजना के आंकड़े बताते हुए उन्होंने कहा कि किसानों ने करीब 36,055 करोड़ रुपये प्रीमियम जमा किया, जबकि उन्हें बदले में करीब 1,92,477 करोड़ रुपये का क्लेम मिला. इससे साफ है कि यह योजना किसानों के लिए फायदेमंद रही है. इसके अलावा भावांतर योजना के जरिए MSP और बाजार भाव का पूरा अंतर सीधे किसानों के खाते में भेजा जाता है, जिससे उन्हें नुकसान नहीं होता.

डिजिटल सिस्टम और तुरंत मदद से बढ़ा भरोसा

सरकार अब किसानों तक मदद जल्दी पहुंचाने के लिए डिजिटल सिस्टम  का इस्तेमाल कर रही है. शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि फार्मर आईडी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बहुत तेजी से पैसा ट्रांसफर किया जा रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि एक राज्य में प्राकृतिक आपदा के बाद सिर्फ 5 दिनों में करीब 14,000 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में भेजे गए. इसके साथ ही सैटेलाइट तकनीक से फसल का सही आकलन किया जा रहा है, ताकि बीमा का पैसा सही और समय पर मिल सके. अब अगर किसी एक किसान की फसल को भी नुकसान होता है, तो उसे भी बीमा का फायदा मिल सकता है.

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान

फल-सब्जी तक सरकार का फोकस, मिलेगा बेहतर दाम

सरकार अब सिर्फ अनाज तक सीमित नहीं है. शिवराज सिंह चौहान  ने कहा कि दलहन, तिलहन, फल और सब्जियों के लिए भी योजनाएं चलाई जा रही हैं. मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत खराब होने वाली फसलों के लिए भी दाम तय किए जाते हैं. अगर बाजार में दाम कम मिलते हैं, तो सरकार अंतर की राशि देती है या सीधे खरीद करती है. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसान अपनी उपज दूर की मंडियों में बेचना चाहते हैं, तो सरकार उनके ट्रांसपोर्ट का खर्च भी उठा रही है, ताकि उन्हें बेहतर दाम मिल सके.

Published: 24 Mar, 2026 | 01:57 PM

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