Akshaya Tritiya: 19 या 20 अप्रैल कब है अक्षय तृतीया? जानें पूजा तिथि और सोना खरीदने का महत्व

अक्षय तृतीया सनातन धर्म का अत्यंत शुभ पर्व है, जिसे माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है. इस दिन किया गया दान, पूजा, जप और सोना‑चांदी की खरीदारी कभी व्यर्थ नहीं जाती और जीवन में अक्षय पुण्य और समृद्धि लाती है. अक्षय तृतीया पर दान करें, लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें और सोना‑चांदी खरीदें, ताकि पूरे साल घर में धन, सुख और खुशहाली बनी रहे.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 31 Mar, 2026 | 06:45 AM

Akshaya Tritiya Kab Hai: अक्षय तृतीया सनातन धर्म का एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व है. इसे ‘अक्षय’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन किए गए किसी भी शुभ कार्य का फल कभी नष्ट नहीं होता, बल्कि अनंत पुण्य और लाभ मिलता है. यह पर्व मुख्य रूप से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित है और शास्त्रों में इस दिन दान, पूजा, जप और नई खरीदारी को विशेष फलदायी माना गया है.

अक्षय तृतीया 2026 की तिथि और समय

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि में पड़ रही है. यह पर्व 19 अप्रैल 2026, रविवार को सुबह 10:50 बजे से शुरू होकर अगले दिन 20 अप्रैल 2026, सोमवार सुबह 7:27 बजे तक रहेगा. इस दिन तृतीया तिथि मध्याह्न तक जारी रहेगी, इसलिए इसे मुख्य रूप से 19 अप्रैल 2026 को ही मनाना शुभ माना गया है. यह दिन पूजा, दान, नए कार्य शुरू करने और सोना‑चांदी खरीदने के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है.

अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्व

अक्षय तृतीया को विशेष रूप से इसलिए शुभ माना जाता है क्योंकि इस दिन किए गए दान, जप, तप और शुभ कार्य कभी नष्ट नहीं होते. मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं. इस दिन स्नान, दान, पूजा और नई खरीदारी करने से व्यक्ति को अक्षय पुण्य, समृद्धि और खुशहाली प्राप्त होती है. यह दिन नए कार्य शुरू करने, विवाह, गृह प्रवेश और सोना-चांदी खरीदने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है.

सोना और चांदी खरीदने का महत्व

अक्षय तृतीया पर सोना या चांदी खरीदना विशेष लाभकारी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन खरीदा गया सोना पूरे वर्ष परिवार में धन-धान्य और वैभव बनाए रखता है. कई लोग इस अवसर पर आभूषण, सिक्के या छोटे सोने की वस्तुएँ खरीदते हैं. यह विश्वास किया जाता है कि इस दिन की गई खरीदारी कभी व्यर्थ नहीं जाती और परिवार में सदैव संपन्नता बनी रहती है.

इसके साख ही अक्षय तृतीया पर दान करना अत्यंत पुण्यदायी है. शास्त्रों में सत्तू, जल भरा कलश, अनाज, वस्त्र और फल का दान करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है. गरीबों और ब्राह्मणों को दान देने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती.

अक्षय तृतीया की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें.
  • घर में लक्ष्मी-नारायण की पूजा करें.
  • पीले फूल, चंदन, अक्षत और मिठाई अर्पित करें.
  • ‘ॐ लक्ष्मी नारायणाय नमः’ मंत्र का जाप करें.
  • दान अवश्य करें और सात्विक भोजन ग्रहण करें.

इन नियमों का पालन करने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है और इस शुभ दिन के कार्य जीवनभर फलदायी साबित होते हैं.

अक्षय तृतीया केवल एक पर्व नहीं, बल्कि समृद्धि, पुण्य और खुशहाली का प्रतीक है. इस दिन किए गए कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाते और जीवन में स्थायी लाभ एवं सुख की प्राप्ति होती है. इसलिए 2026 में इस दिन को अच्छे से मनाना हर व्यक्ति के लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 31 Mar, 2026 | 06:45 AM
ज्ञान का सम्मान क्विज

आम में सबसे ज्यादा कौन सा विटामिन होता है?

सवाल का दीजिए सही जवाब और जीतिए ₹1000 का इनाम! 🏆
पिछले Quiz का सही जवाब
कपास
विजेताओं के नाम
कमल सिंह पडिहार, आगर मालवा, मध्य प्रदेश
गुरबाज सिंह, रोपड़, पंजाब

लेटेस्ट न्यूज़