असम और केरल समेत देश के कई हिस्सों में बाढ़ से हाहाकार, मदद को बढ़े हाथ

देश के कई राज्यों में भारी बारिश ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. असम में 1.6 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं, वहीं केरल, गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक में भी खतरा बढ़ा है. राहत और बचाव के लिए सरकारों के साथ निजी संस्थाएं भी मैदान में उतर गई हैं.

नोएडा | Updated On: 6 Aug, 2026 | 04:14 PM

देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. असम, केरल, गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक समेत कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. नदियां उफान पर हैं, कई इलाकों में जलभराव की स्थिति है और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं. सरकारों के साथ-साथ निजी संस्थाएं भी राहत और बचाव कार्यों में सहयोग के लिए आगे आ रही हैं. वहीं, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इंसानों के साथ-साथ पशुओं को बचाने के लिए भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं. इसी बीच केंद्र सरकार ने मानसून 2026 में बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए SDRF के केंद्रीय हिस्से के रूप में 2,117.85 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता मंजूर की है.

असम में बाढ़ से 14 जिले प्रभावित, 1.6 लाख से ज्यादा लोग संकट में

असम में बाढ़ की स्थिति  लगातार गंभीर बनी हुई है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 95 हो गई है. अभी भी राज्य के 14 जिलों में 1.6 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं. बाढ़ के कारण राज्य में 16,951.76 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है. इसके अलावा 26,575 पालतू जानवर और पोल्ट्री भी प्रभावित हुए हैं. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत शिविर और वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां हजारों विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं. मेडिकल टीमों के साथ पशु चिकित्सा दल भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर इलाज और बचाव कार्य में जुटे हैं.

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बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए वेदांता की बड़ी पहल

असम में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने 7 करोड़ रुपये का योगदान दिया है. असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा  ने इस सहयोग के लिए अनिल अग्रवाल और वेदांता समूह का आभार जताया. उन्होंने कहा कि बाढ़ के मुश्किल समय में वेदांता ने राहत और पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है. यह राशि भोजन, आश्रय, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सहायता और दीर्घकालिक पुनर्वास कार्यों में इस्तेमाल की जाएगी. वेदांता समूह की असम में तेल एवं गैस क्षेत्र में लंबे समय से मौजूदगी रही है.

यह राशि भोजन, राहत सामग्री, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं और पुनर्वास कार्यों में इस्तेमाल की जाएगी. इसके अलावा बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई सामाजिक संगठन भी राहत अभियान चला रहे हैं. कुछ संस्थाएं लोगों के साथ-साथ बाढ़ में फंसे पशुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, उनके इलाज और चारे की व्यवस्था करने का काम कर रही हैं. पशुपालकों के लिए यह मदद काफी अहम साबित हो रही है, क्योंकि बाढ़ में बड़ी संख्या में मवेशी भी प्रभावित हुए हैं.

असम बाढ़ पर नड्डा ने लिया हालात का जायजा

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने लिया हालात का जायजा.

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा  ने बुधवार को असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा कि बाढ़ से हुई तबाही का दायरा काफी बड़ा है और हालात सामान्य होने में समय लगेगा. नड्डा ने राहत, पुनर्वास और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की जानकारी ली. उन्होंने प्रभावित लोगों को केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में मजबूती से उनके साथ खड़ी है.

केरल में भारी बारिश से हालात गंभीर, 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

केरल में जल संकट गहराया.

केरल में लगातार बारिश के कारण कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है. राज्य के 12 जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट  जारी किया है. भारी बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ गया है और कई निचले इलाकों में पानी भर गया है. राज्य में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ लोग लापता बताए जा रहे हैं. समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है. प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है.

बाढ़ प्रभावित 7 राज्यों को 2,117 करोड़ रुपये की मदद

केंद्र सरकार ने मानसून 2026 में बाढ़ से प्रभावित राज्यों के लिए राज्य आपदा मोचन कोष (SDRF) के केंद्रीय हिस्से के रूप में 2,117.85 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता मंजूर की है. इसमें गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा को 500-500 करोड़ रुपये, असम को 379.35 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 193.95 करोड़ रुपये और अरुणाचल प्रदेश को 44.55 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

गुजरात, ओडिशा और कर्नाटक में भी बाढ़ का खतरा बरकरार

गुजरात में मौसम विभाग ने मोरबी, सुरेंद्रनगर, राजकोट और अहमदाबाद समेत कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. सौराष्ट्र क्षेत्र में लगातार बारिश से कई शहरों में जलभराव की समस्या सामने आई है. ओडिशा में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन महानदी बेसिन के कई जिलों में खतरा अभी बना हुआ है. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राहत और पुनर्वास कार्यों की निगरानी के लिए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है. वहीं, कर्नाटक के मैसूरु स्थित कबीनी बांध में केरल के कैचमेंट क्षेत्रों से भारी पानी आने के बाद नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा गया. जल प्रवाह बढ़ाकर 12 हजार क्यूसेक तक कर दिया गया है. प्रशासन ने कबीनी और कावेरी नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की सलाह दी है.

Published: 6 Aug, 2026 | 04:14 PM

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