असम बाढ़ प्रभावितों को बड़ी राहत! हर पीड़ित परिवार को मिलेंगे 75 हजार रुपये.. राशि जारी

Assam Flood Relief: असम सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी कर दी है. गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त घरों वाले परिवारों को कुल मिलाकर करीब 75 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. इस बीच बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है, जबकि प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 1.36 लाख रह गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 3 Aug, 2026 | 11:44 AM

Assam Floods: असम में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है, लेकिन कई जिलों में लोगों की मुश्किलें अभी भी खत्म नहीं हुई हैं. राज्य के ऊपरी असम (अपर असम) के कई इलाके अब भी बाढ़ के पानी से जूझ रहे हैं. इस बीच राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए अंतरिम राहत की पहली किस्त जारी कर दी है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को डिब्रूगढ़ से राहत राशि की पहली किस्त जारी की. सरकार के अनुसार, कुल 160 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों को भेजी गई. इसके साथ ही पात्र लोगों को PM सूर्य घर योजना के तहत राज्य सरकार की सब्सिडी भी जारी की गई है.

सरकार का कहना है कि, राहत और पुनर्वास का काम लगातार जारी रहेगा. PTI के अनुसार, सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को लगभग 75 हजार रुपये प्रति परिवार की सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसका उद्देश्य बाढ़ से हुए नुकसान के बाद लोगों को दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में मदद करना है.

बाढ़ से मौतों का आंकड़ा बढ़कर 85 हुआ

असम में इस साल आई बाढ़ ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है. रविवार को तीन और लोगों की मौत की पुष्टि होने के बाद बाढ़ से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है. हालांकि राहत की बात यह है कि प्रभावित लोगों की संख्या में कमी आई है. कुछ दिन पहले जहां करीब 1.80 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित थे, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 1.36 लाख रह गई है. इसके बावजूद हजारों परिवार अब भी राहत और पुनर्वास पर निर्भर हैं.

किन जिलों में मिलेगी राहत?

सरकार की ओर से राहत राशि का पहला चरण सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शुरू किया गया है. शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों के उन परिवारों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनके घरों को गंभीर नुकसान पहुंचा है. अधिकारियों के अनुसार, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मकानों वाले परिवारों को 15 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी. इसके अलावा अन्य राहत मदों को मिलाकर कुल सहायता राशि करीब 75 हजार रुपये प्रति परिवार तक पहुंचेगी.

सबसे ज्यादा असर शिवसागर जिले पर

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर शिवसागर जिले में देखा गया है. यहां 55 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. इसके बाद चराइदेव में लगभग 40 हजार और जोरहाट में करीब 22 हजार लोग बाढ़ की चपेट में हैं. फिलहाल चराइदेव, धेमाजी, गोलाघाट, जोरहाट और शिवसागर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं. कई गांवों में अब भी पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है.

राहत शिविरों में रह रहे हजारों लोग

बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहा है. राज्य के पांच जिलों में इस समय 54 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. इन शिविरों में करीब 13,771 लोग रह रहे हैं. प्रशासन की ओर से भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और जरूरी सामान उपलब्ध कराया जा रहा है. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा खुद प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. वे प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुन रहे हैं.

खेती पर भी पड़ा बड़ा असर

बाढ़ का असर केवल लोगों के घरों तक सीमित नहीं है. कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान हुआ है. अधिकारियों के अनुसार, करीब 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है. धान और दूसरी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है. कई किसानों को फसल दोबारा बोने की नौबत आ सकती है.

नदियों का जलस्तर अब भी चिंता का विषय

हालांकि कई इलाकों में पानी उतरने लगा है, लेकिन गोलाघाट जिले के नुमालीगढ़ में धानसिरी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. प्रशासन लगातार नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम सामान्य रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति में और सुधार हो सकता है. फिलहाल सरकार राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज करने पर जोर दे रही है, ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 3 Aug, 2026 | 11:24 AM

लेटेस्ट न्यूज़