Assam Flood 2026: असम में बाढ़ की स्थिति पहले के मुकाबले कुछ बेहतर जरूर हुई है, लेकिन कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 1,78,837 रह गई है. एक दिन पहले यह आंकड़ा करीब 1.92 लाख था. हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले 24 घंटों में बाढ़ से किसी की मौत नहीं हुई और राज्य में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 82 पर ही बनी हुई है. हालांकि प्रभावित लोगों की संख्या कम हुई है, लेकिन बाढ़ का दायरा बढ़ गया है. पहले जहां 5 जिले प्रभावित थे, अब यह संख्या बढ़कर 7 जिले हो गई है.
इन जिलों में अब भी बाढ़ का असर
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर गोलाघाट, शिवसागर, चराइदेव, बजाली, धेमाजी, सोनितपुर और जोरहाट जिलों में देखा जा रहा है. इन जिलों के 20 राजस्व सर्किल और 349 गांव अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित चराइदेव जिला है, जहां 75,199 लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं. इसके बाद शिवसागर में 58,824 लोग अब भी प्रभावित हैं. इन इलाकों में कई गांवों का संपर्क अब भी पूरी तरह बहाल नहीं हो पाया है.
दो नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
हालांकि कई जगह पानी का स्तर कम हुआ है, लेकिन कुछ नदियां अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. शिवसागर में दिखो (Dikhow) नदी और गोलाघाट के नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. प्रशासन लगातार इन इलाकों की निगरानी कर रहा है.
राज्य सरकार और आपदा राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार राहत और बचाव कार्य चला रही हैं. फिलहाल 44 राहत शिविरों में करीब 15 हजार विस्थापित लोग रह रहे हैं. इसके अलावा 17 राहत वितरण केंद्रों के जरिए 5,569 लोगों तक भोजन, पीने का पानी और दूसरी जरूरी चीजें पहुंचाई जा रही हैं. प्रशासन का कहना है कि जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री और मेडिकल सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है.
खेती और पशुपालन को भारी नुकसान
बाढ़ का असर खेती पर भी साफ दिखाई दे रहा है. करीब 15,060 हेक्टेयर कृषि भूमि अब भी पानी में डूबी हुई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा 1,543 पशु बाढ़ के पानी में बह गए, जबकि 6,765 से ज्यादा पशु इस आपदा से प्रभावित हुए हैं. कई पशु आश्रय स्थल भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.
सड़कों और इमारतों को भी नुकसान
प्रशासन के मुताबिक, बाढ़ से कई मकानों, सड़कों, पुलों, स्कूलों और अन्य सरकारी ढांचों को भी नुकसान पहुंचा है. नुकसान का पूरा आकलन अभी जारी है. कई जगह सड़कें टूटने से आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
हालात सुधर रहे, लेकिन सतर्कता जरूरी
हालांकि प्रभावित लोगों की संख्या में कमी आना राहत की बात है, लेकिन ऊपरी असम के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन अभी भी पूरी तरह पटरी पर नहीं लौटा है. खासकर चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट और गोलाघाट में लोग अब भी बाढ़ की मार झेल रहे हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी किनारे जाने से बचें और मौसम विभाग व स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें. अगर मौसम सामान्य रहा और नदियों का जलस्तर तेजी से घटा, तो आने वाले दिनों में हालात और बेहतर होने की उम्मीद है.