PM Modi Mann Ki Baat: भागलपुर का मशहूर जर्दालु आम एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में इसका जिक्र किया. उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों के प्रसिद्ध आमों की बात करते हुए बिहार के जर्दालु आम की भी तारीफ की. प्रधानमंत्री के इस जिक्र के बाद जर्दालु आम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है और इसे देशभर में एक नई पहचान मिली है.
स्वाद, खुशबू और क्वालिटी से अलग पहचान
जर्दालु आम अपनी खास खुशबू, मीठे स्वाद और सुंदर पीले रंग के लिए जाना जाता है. पकने के बाद इसका रंग सुनहरा पीला हो जाता है, जिससे यह दूसरे आमों से अलग दिखाई देता है. अपनी बेहतरीन खुशबू और स्वाद की वजह से यह आम सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देश और विदेश के बाजारों में भी काफी पसंद किया जाता है. जर्दालु आम में प्राकृतिक मिठास अच्छी मात्रा में होती है, जिससे इसका स्वाद और भी बेहतर हो जाता है. यही कारण है कि इसे उत्तर भारत के सबसे अच्छे आमों में गिना जाता है.
भागलपुर की पहचान बन चुका है जर्दालु
भागलपुर के बागानों में बड़ी मात्रा में जर्दालु आम की खेती की जाती है. यहां की मिट्टी और मौसम इस आम की खेती के लिए बहुत उपयुक्त माने जाते हैं. स्थानीय किसान कई सालों से जर्दालु आम उगा रहे हैं और इसकी अच्छी क्वालिटी बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान देते हैं. किसानों का कहना है कि जर्दालु आम सिर्फ एक फल नहीं है, बल्कि भागलपुर की पहचान और विरासत का अहम हिस्सा है. इसी आम की वजह से जिले को देशभर में एक खास पहचान मिली है.
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राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक पहुंचता है यह खास आम
जर्दालु आम की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हर साल इसकी खास खेप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख लोगों को भेजी जाती है. यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है और इसके जरिए भागलपुर के इस खास आम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और सम्मान मिलता है. इस साल भी आम की तुड़ाई शुरू होने के साथ विशेष पैकेज तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें देश के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर भेजा जाएगा.
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मिलेगा नया बढ़ावा
जर्दालु आम की पहचान को देश और विदेश में और मजबूत बनाने के लिए सरकार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है. इसका उद्देश्य किसानों को नई तकनीक, बेहतर खेती के तरीके और आधुनिक प्रबंधन की जानकारी देना है, ताकि वे अधिक अच्छी और क्वालिटीपूर्ण फसल पैदा कर सकें. विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से जर्दालु आम का उत्पादन बढ़ेगा, इसकी क्वालिटी में सुधार होगा और विदेशों में इसके निर्यात के अवसर भी बढ़ सकते हैं.
जीआई टैग ने दिलाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
जर्दालु आम को साल 2018 में जीआई टैग (Geographical Indication) मिला था. यह टैग किसी खास इलाके के विशेष उत्पाद को उसकी पहचान और क्वालिटी के लिए दिया जाता है. जीआई टैग मिलने के बाद जर्दालु आम को देश और विदेश के बाजारों में अलग पहचान मिली है. इससे इस फल की विश्वसनीयता बढ़ी है और किसानों को नए अवसर भी मिले हैं.
किसानों के लिए भी फायदा बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात में जिक्र के बाद इसकी मांग और लोकप्रियता बढ़ सकती है. इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने और बाजार का दायरा बढ़ने की संभावना है.