इस आम ने बढ़ाई बिहार की शान, स्वाद ऐसा कि विदेशों तक है डिमांड, GI टैग मिलने के बाद बना इंटरनेशनल स्टार

Jardalu Mango: भागलपुर का मशहूर जर्दालु आम अपनी मीठी स्वाद, खुशबू और बिना रेशे वाले गूदे की वजह से लोगों को बहुत पसंद आता है. बिहार की अच्छी मिट्टी और वहां का मौसम इस आम की खेती के लिए बिल्कुल सही माना जाता है. साल 2018 में जर्दालु आम को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान देश ही नहीं, विदेशों में भी और ज्यादा बढ़ गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 20 May, 2026 | 06:30 PM

Bhagalpur Jardalu Mango: बिहार का नाम आते ही लीची, मखाना और सिल्क की चर्चा जरूर होती है, लेकिन अब एक और चीज देशभर में अपनी अलग पहचान बना चुकी है, भागलपुर का प्रसिद्ध जर्दालु आम. अपनी खास मिठास, सुगंध और बेहतरीन स्वाद के कारण यह आम सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि देश-विदेश के बाजारों में भी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यही वजह है कि इसे साल 2018 में जीआई टैग भी मिला, जिससे इसकी खास पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली.

क्यों खास है जर्दालु आम?

जर्दालु आम बाकी आमों से अपने खास स्वाद और तेज खुशबू की वजह से अलग माना जाता है. जब यह पक जाता है, तो इसकी मीठी सुगंध दूर से ही महसूस होने लगती है. इसका गूदा बहुत नरम, रसदार और बिना रेशे वाला होता है, इसलिए इसे खाने में अलग ही मजा आता है. इसका छिलका पतला और हल्के पीले रंग का होता है, जो इसे देखने में भी आकर्षक बनाता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग हर साल बढ़ रही है और लोग इसे महंगे व खास आमों में गिनते हैं.

भागलपुर की मिट्टी और जलवायु का योगदान

जर्दालु आम की खेती सबसे ज्यादा बिहार के भागलपुर और उसके आसपास के इलाकों में होती है. यहां की उपजाऊ जमीन, गंगा किनारे का माहौल और अच्छा मौसम इस आम को उगाने के लिए बहुत सही माना जाता है.

यहां के किसान कई सालों से पारंपरिक तरीके से इसकी खेती करते आ रहे हैं. पीढ़ियों से चली आ रही यह बागवानी अब हजारों किसानों की कमाई का बड़ा जरिया बन चुकी है. जर्दालु आम की अच्छी मांग होने की वजह से किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है, जिससे इलाके की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है.

जीआई टैग मिलने से बढ़ी पहचान

साल 2018 में जर्दालु आम को जीआई टैग मिलने के बाद इसकी पहचान और ज्यादा बढ़ गई. जीआई टैग यह बताता है कि किसी चीज की खास गुणवत्ता और पहचान एक खास इलाके से जुड़ी होती है. यानी असली जर्दालु आम की खास मिठास और गुणवत्ता भागलपुर क्षेत्र में ही मिलती है. इस मान्यता के बाद देश के बड़े बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है. अब यह आम सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों और विदेशों तक भी पहुंचने लगा है. अपनी मिठास और खास स्वाद की वजह से जर्दालु आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लोगों को खूब पसंद आ रहा है.

बाजारों में बढ़ रही मांग

आम के सीजन में भागलपुर की मंडियों और बाजारों में जर्दालु आम की खूब चहल-पहल देखने को मिलती है. सुबह से ही व्यापारी इसकी खरीदारी के लिए पहुंचने लगते हैं. यहां से यह आम दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में भेजा जाता है.

विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच भी जर्दालु आम की मांग लगातार बढ़ रही है. अगर इसकी पैकेजिंग और स्टोरेज की सुविधाएं और बेहतर हो जाएं, तो इसका निर्यात भी काफी बढ़ सकता है.

किसानों के लिए नई उम्मीद

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसानों को अच्छी स्टोरेज, बेहतर ट्रांसपोर्ट और बाजार की सुविधाएं मिलें, तो जर्दालु आम बिहार की अर्थव्यवस्था को काफी फायदा पहुंचा सकता है. यह आम सिर्फ अपने स्वाद के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि बिहार की खेती, यहां की परंपरा और किसानों की मेहनत की पहचान भी बन चुका है.

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Published: 20 May, 2026 | 06:30 PM

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