दुनियाभर में जलवायु खतरों के चलते खेती पर पड़ने वाले असर से बचने समेत बीज विकास, कृषि तकनीक के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा समेत कई बिंदुओं पर चर्चा के लिए ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री भारत में जुट रहे हैं. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स देशों में शामिल ब्राजील, ईरान, रूस समेत आधा दर्जन से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि और कृषि मंत्री, कृषि वैज्ञानिक-अधिकारी मध्य प्रदेश के इंदौर में कृषि के मुद्दों पर मंथन करेंगे. इस पूरे कार्यक्रम की मेजबानी मध्य प्रदेश करेगा.
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ इंदौर में मीडिया को बताया कि इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत को मिली है. ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री मध्य प्रदेश के इंदौर आएंगे और यहां पर भारत के नेतृत्व में खेती पर जलवायु खतरों, जलवायु अनुकूल बीज विकास, कृषि तकनीक के इस्तेमाल और खाद्य सुरक्षा समेत कई बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी.
पूरी दुनिया की नजर इंदौर में होने वाली ब्रिक्स कृषि मीट पर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देश अपनी कृषि तकनीकों को एक-दूसरे से साझा करने पर सहमति देंगे और कृषि सेक्टर को बूस्ट देने के लिए कई बिंदुओं पर चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की कुल 42 फीसदी कृषि भूमि पर खाद्यान्न उगाते हैं. दुनिया के 68 फीसदी किसान इन देशों में हैं और दुनिया का पेट भरने के लिए यह देश 42 फीसदी से अधिक खाद्यान्न का उत्पादन करते हैं. ऐसे में लगभग आधी दुनिया का नेतृ्त्व भारत करने जा रहा है और दुनिया की नजरें इंदौर में होने वाली कृषि मीट पर टिकी हुई हैं.
भारत आ रहे इन देशों के कृषि मंत्री और प्रतिनिधि
ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान, इंडोनेशिया, सउदी अरब, इथियोपिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, उजबेकिस्ता समेत आधा दर्जन से ज्यादा देशों के कृषि मंत्री और प्रतिनिधिमंडल ब्रिक्स कृषि मीट में शामिल हो रहा है.
कितने दिन चलेगी ब्रिक्स कृषि मीट
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडल 9 जून,10,11,12 और 13 जून तक इंदौर में कृषि मीट में मंथन करेंगे. यह मीट 5 दिन चलेगी.
ब्रिक्स कृषि मीट में इन मुद्दों पर होगी चर्चा
- खाद्य सुरक्षा को लेकर सभी देशों के बीच विचार-विमर्श होगा.
- बढ़ते तापमान के चलते जलवायु अनुकूल किस्मों के विकास और कृषि पर चर्चा होगी.
- कृषि व्यापार को देशों के बीच आसान करने पर बातचीत होगी.
- किसान कल्याण के काम के तहत किसानों को खेती की तकनीक, उत्पादन बढ़ाने आदि पर चर्चा होगी.
- कृषि तकनीक में एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स पर विचार होगा.
- कृषि पर अनेक बिंदुओं पर मंत्रियों की सहमति के बाद साझेदारी भी होगी.