गर्मी का असर, चिकन हुआ सस्ता.. कीमतों में 70 रुपये किलो की गिरावट

आंध्र प्रदेश के तिरुपति और चित्तूर में चिकन की कीमतों में करीब 70 रुपये प्रति किलो की गिरावट आई है. छुट्टियों और भीषण गर्मी के कारण मांग घटी है, जबकि आपूर्ति बढ़ी है. इससे उपभोक्ताओं और होटल कारोबारियों को राहत मिली है, लेकिन पोल्ट्री किसानों की चिंता बढ़ गई है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 26 May, 2026 | 03:36 PM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के तिरुपति और चित्तूर जिलों में बढ़ती गर्मी और छुट्टियों के मौसम का असर पोल्ट्री कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. पिछले एक सप्ताह में चिकन की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. पोल्ट्री व्यापारियों के अनुसार, तिरुपति शहर में ड्रेस्ड चिकन का भाव, जो हाल ही में 290 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था, अब घटकर करीब 220 रुपये प्रति किलो रह गया है. यानी कीमतें 70 रुपये किलो कम हो गई हैं. इसी तरह, बिना चमड़ी वाले चिकन की कीमत, जो 320 रुपये प्रति किलो से अधिक थी, अब लगभग 250 रुपये प्रति किलो पर बिक रही है. यानी कीमतों में करीब 70 रुपये प्रति किलो की कमी आई है.

व्यापारियों का कहना है कि छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग शहर से बाहर चले गए हैं, जिससे चिकन की मांग कम हो गई है. मांग घटने के कारण बाजार में कीमतों में यह गिरावट देखने को मिल रही है. पोल्ट्री कारोबारियों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों की तुलना में अब बाजार में चिकन की आपूर्ति  बेहतर हुई है. पहले कम आवक के कारण कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य होने लगी है. चित्तूर जिले में जीवित ब्रॉयलर चिकन का भाव फिलहाल 135 से 143 रुपये प्रति किलो के बीच है. वहीं, ड्रेस्ड चिकन करीब 220 रुपये प्रति किलो और बिना चमड़ी वाला चिकन लगभग 250 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. अंडों की कीमत भी स्थिर बनी हुई है और एक दर्जन अंडे करीब 75 रुपये में मिल रहे हैं.

गर्मी के कारण कारोबार प्रभावित

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक,  चिकन विक्रेताओं का कहना है कि भीषण गर्मी के कारण कारोबार पर असर पड़ा है. दिन के समय तेज गर्मी होने से कई लोग नॉन-वेज खाने  से परहेज कर रहे हैं, जिससे बाजार में चिकन की मांग और बिक्री दोनों में कमी आई है. वहीं, चिकन की कीमतों में आई गिरावट से होटल और रेस्तरां संचालकों ने राहत की सांस ली है. उनका कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से मांस की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण खाद्य पदार्थों की लागत बढ़ गई थी, लेकिन अब चिकन सस्ता होने से खाने-पीने की चीजों के दाम स्थिर रखने में मदद मिलेगी.

पशु आहार और दवाइयां महंगी

वहीं, पोल्ट्री किसानों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि चिकन के दाम भले ही घट गए हों, लेकिन पशु आहार, दवाइयों, बिजली और परिवहन जैसी लागतें अभी भी ऊंची बनी हुई हैं. ऐसे में उनकी कमाई और मुनाफे पर दबाव बढ़ रहा है. दूसरी ओर, तिरुपति और आसपास के इलाकों के उपभोक्ताओं ने चिकन की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट का स्वागत किया है. हाल के हफ्तों में ऊंचे दामों से परेशान लोगों को अब राहत मिली है और वे इसे आम ग्राहकों के लिए अच्छी खबर मान रहे हैं.

चिकन की कीमतों में काफी गिरावट

तिरुपति के चिकन सेंटर के संचालकों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में चिकन की कीमतों में काफी गिरावट आई है. ड्रेस्ड चिकन, जो पहले 290 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया था, अब 220 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. वहीं, बिना चमड़ी वाले चिकन का भाव 320 रुपये प्रति किलो से घटकर करीब 250 रुपये प्रति किलो रह गया है. उन्होंने कहा कि छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में लोग शहर से बाहर गए हुए हैं, जिससे मांग कम हो गई है. पहले बाजार में चिकन की आपूर्ति कम होने से कीमतें बढ़ गई थीं, लेकिन अब आपूर्ति बढ़ने और मांग घटने के कारण दामों में करीब 70 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है.

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Published: 26 May, 2026 | 03:31 PM

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