गांधीनगर में शुरू होगा हाईटेक डेयरी प्लांट, रोग होगी लाखों लीटर दूध की प्रोसेसिंग
गुजरात में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए अत्याधुनिक दूध प्रोसेसिंग और पैकेजिंग प्लांट शुरू होने जा रहा है. इस हाईटेक सुविधा से दूध उत्पादकों को बेहतर बाजार, तेज प्रोसेसिंग और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे सहकारी डेयरी मॉडल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.
Dairy Industry: देश के सहकारी डेयरी सेक्टर में कल एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. गुजरात के गांधीनगर में 17 मई 2026 को गांधीनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड के नए स्वचालित दुग्ध प्रसंस्करण और पैकेजिंग संयंत्र का उद्घाटन होगा. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह इस आधुनिक प्लांट का उद्घाटन करेंगे. इस परियोजना को देश के सहकारी डेयरी आंदोलन के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे हजारों दूध उत्पादकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है.
हर दिन 2.5 लाख लीटर दूध की होगी प्रोसेसिंग
गांधीनगर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड द्वारा तैयार किया गया यह नया संयंत्र पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस है. इस प्लांट में प्रतिदिन 2.5 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग क्षमता होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक किया जा सकेगा. विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह के हाईटेक प्लांट से दूध की गुणवत्ता बेहतर होगी और पैकेजिंग प्रक्रिया भी तेज और सुरक्षित बनेगी. इससे डेयरी सेक्टर में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो पाएगा.
दूध उत्पादकों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकस
सरकार का मानना है कि ये परियोजना सहकार से समृद्धि की सोच को मजबूत करेगी. नए संयंत्र से डेयरी संचालन अधिक व्यवस्थित और तेज होगा, जिससे दूध उत्पादकों को समय पर भुगतान और बेहतर दाम मिलने में मदद मिलेगी. इस प्लांट के शुरू होने से आसपास के गांवों के हजारों पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है. बेहतर स्टोरेज, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग सुविधा मिलने से दूध खराब होने की समस्या भी कम होगी. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है.
आधुनिक तकनीक से मजबूत होगा डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर
मधुर डेयरी की ये नई यूनिट गुजरात के दशेला क्षेत्र में तैयार की गई है. इस प्लांट में आधुनिक मशीनों और ऑटोमेटेड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे कम समय में ज्यादा काम किया जा सकेगा. विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में डेयरी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और ऐसे आधुनिक संयंत्र भविष्य की जरूरत बनते जा रहे हैं. इससे दूध की सप्लाई चेन मजबूत होगी और उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने में आसानी होगी.
सहकारी मॉडल को नई ताकत देने की तैयारी
भारत में सहकारी डेयरी मॉडल लंबे समय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी माना जाता है. अमूल जैसे मॉडल की सफलता के बाद अब देशभर में आधुनिक डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम किया जा रहा है. Amit Shah कई बार कह चुके हैं कि सहकारिता के जरिए किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है. माना जा रहा है कि गांधीनगर में शुरू होने वाला यह नया प्लांट आने वाले समय में डेयरी सेक्टर के लिए एक बड़ी मिसाल बन सकता है. 17 मई को होने वाले इस उद्घाटन कार्यक्रम पर डेयरी उद्योग, सहकारी संस्थाओं और पशुपालकों की खास नजर बनी हुई है.