Goat Farming: महंगा चारा छोड़िए…बकरियों को खिलाएं ये खास पत्तियां, तेजी से बढ़ेगा वजन और बढ़ेगा मुनाफा
Livestock Health: बकरी पालन में सही खुराक देना बहुत जरूरी है. हरे चारे के साथ अगर नीम, अमरुद और मोरिंगा की पत्तियां खिलाई जाएं, तो बकरियों की ग्रोथ तेजी से बढ़ती है. इससे दूध और मीट उत्पादन भी बेहतर होता है और बीमारियों का खतरा कम रहता है. यह तरीका सस्ता और असरदार माना जाता है.
Organic Feed: अगर आप बकरी पालन करते हैं या शुरू करने की सोच रहे हैं, तो एक बात सबसे ज्यादा जरूरी है-सही खुराक. अक्सर लोग महंगे चारे पर खर्च करते हैं, फिर भी बकरियों की ग्रोथ और उत्पादन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ता. केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान पशु विशेषज्ञ डॉ वाई के सोनी के अनुसार, एक आसान और सस्ता तरीका है, जिससे बकरियों का दूध और मीट दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं. यह तरीका है पेड़ों की खास पत्तियां खिलाना. यह न सिर्फ पोषण देती हैं, बल्कि दवा का काम भी करती हैं.
हरा चारा ही नहीं, पत्तियां भी हैं जरूरी
पशु विशेषज्ञ डॉ वाई के सोनी के अनुसार, बकरी पालन में सिर्फ हरा चारा देना काफी नहीं होता. हरे चारे में नमी ज्यादा होती है, जिससे कई बार पाचन से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. ऐसे में अगर हरे चारे के साथ पेड़ों की पत्तियां मिलाकर खिलाई जाएं, तो बकरियों को संतुलित पोषण मिलता है. पत्तियों में नमी कम होती है और इनमें प्रोटीन व टेनिन जैसे पोषक तत्व ज्यादा होते हैं. इससे बकरियों की सेहत मजबूत रहती है और उनका शरीर जल्दी विकसित होता है. रोजाना की खुराक में थोड़ी मात्रा में पत्तियां शामिल करने से बड़ा फर्क देखने को मिलता है.
इन पेड़ों की पत्तियां हैं सबसे फायदेमंद
कुछ पेड़ ऐसे हैं जिनकी पत्तियां बकरियों के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं. जैसे नीम, अमरुद और मोरिंगा. इनकी पत्तियां आसानी से मिल जाती हैं और इनमें पोषण भी भरपूर होता है. इन पत्तियों की खास बात यह है कि ये बकरियों के पेट में होने वाले कीड़ों को खत्म करने में मदद करती हैं. आमतौर पर दूषित पानी या गंदे माहौल की वजह से बकरियों के पेट में कीड़े हो जाते हैं, जिससे उनकी ग्रोथ रुक जाती है. चाहे बकरी कितना भी खा ले, उसका वजन नहीं बढ़ता. लेकिन अगर नियमित रूप से इन पेड़ों की पत्तियां खिलाई जाएं, तो यह समस्या काफी हद तक कम हो जाती है. साथ ही, बकरियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है.
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कैसे खिलाएं पत्तियां, ये तरीका अपनाएं
बकरियों को पत्तियां खिलाने का तरीका भी बहुत मायने रखता है. बकरी जमीन पर गिरे चारे से ज्यादा पेड़ की डाल से तोड़कर खाना पसंद करती है. जब बकरी खुद डाल से पत्तियां खाती है, तो वह ज्यादा खुश होकर और ज्यादा मात्रा में खाती है. इसलिए कोशिश करें कि पत्तियों को सीधे डाल सहित बकरियों के सामने रखें. इससे उनकी भूख भी बढ़ती है और खाना भी सही तरीके से पचता है. यह तरीका बकरियों की तेजी से ग्रोथ में मदद करता है. अगर नीम, अमरुद या मोरिंगा आसानी से न मिलें, तो गूलर और अरडू जैसे पेड़ों की पत्तियां भी खिलाई जा सकती हैं. ये भी पोषण से भरपूर होती हैं और बकरियों के लिए सुरक्षित हैं. मोरिंगा का मुलायम तना भी बकरियां आसानी से खा लेती हैं, जो उनके लिए अतिरिक्त पोषण का काम करता है.
कम खर्च में ज्यादा मुनाफा का आसान फॉर्मूला
सही खुराक देने से बकरी पालन की लागत भी कम होती है और मुनाफा बढ़ता है. जब बकरियां स्वस्थ रहती हैं, तो उनका वजन तेजी से बढ़ता है और दूध उत्पादन भी बेहतर होता है. इससे बाजार में उनकी अच्छी कीमत मिलती है. पेड़ों की पत्तियां आसानी से गांव या आसपास के इलाकों में मिल जाती हैं, इसलिए इन्हें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. इससे चारे पर होने वाला खर्च कम हो जाता है. साथ ही, दवाइयों पर खर्च भी घटता है क्योंकि बकरियां कम बीमार पड़ती हैं. डॉ वाई के सोनी के अनुसार, अगर बकरी पालन में सही खानपान का ध्यान रखा जाए, तो यह व्यवसाय कम लागत में ज्यादा कमाई देने वाला बन सकता है. हरे चारे के साथ पेड़ों की पत्तियों का संतुलित इस्तेमाल इस दिशा में एक आसान और असरदार कदम है.