किसानों के लिए एडवाइजरी, बारिश से सरसों में लग सकती है गंभीर बीमारी.. अभी नहीं करें इन फसलों की सिंचाई

पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश ने रबी गेहूं की फसल को बड़ी राहत दी है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से मिट्टी में नमी बढ़ी और तापमान गिरा. विशेषज्ञों ने सिंचाई रोकने, कीटों की निगरानी और आगामी दिनों में संभावित बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है.

नोएडा | Published: 24 Jan, 2026 | 04:48 PM

Wheat Farmer: पंजाब के ज्यादातर हिस्सों में शुक्रवार को हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे रबी गेहूं की फसल को बड़ी राहत मिली है. इस बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और फसल की सेहत बेहतर होने की उम्मीद है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फिलहाल सिंचाई रोकने और खेतों में कीटों की निगरानी रखने की सलाह दी है, क्योंकि मंगलवार और बुधवार को फिर बारिश की संभावना है. वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हुई इस बारिश ने तापमान को कम किया और लंबे सूखे व बढ़ती गर्मी से परेशान फसलों के लिए संजीवनी का काम किया है, जिससे बेहतर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है.

पहली बड़ी बारिश किसानों के लिए फायदेमंद

मौसम विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान  में कोई खास बदलाव नहीं होगा. इसके बाद अगले 24 घंटों में तापमान 3-4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, फिर इसमें गिरावट आने की संभावना है. पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना की कृषि मौसम विभाग प्रमुख पवनीत कौर किंगरा ने कहा कि रबी सीजन की यह पहली बड़ी बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है. इससे मिट्टी और फसलों को जरूरी नमी मिलेगी. उन्होंने कहा कि शनिवार और रविवार को बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन येलो अलर्ट जारी किया गया है और ज्यादातर इलाकों में घना कोहरा छाया रह सकता है.

सरसों की फसल में माइट कीट का हमला

हालांकि मंगलवार को तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. राज्य कृषि विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक जसविंदर सिंह बराड़ ने कहा कि जिन किसानों ने हाल ही में सिंचाई की है, उन्हें खेतों से अतिरिक्त पानी निकाल देना चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि मौसम साफ होने तक खाद का छिड़काव न करें, क्योंकि इससे फसलों में जरूरत से ज्यादा बढ़वार हो सकती है और आगे चलकर फसल गिरने का खतरा रहता है. साथ ही खासतौर पर सरसों की फसल में माइट कीट  के हमले को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है.

90 फीसदी तक वर्षा की कमी दर्ज की गई

फतेहगढ़ साहिब के किसान पलविंदर सिंह ने कहा कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है, लेकिन आलू की फसल, जो खुदाई के लिए तैयार है, तेज बारिश और हवाओं की स्थिति में नुकसान झेल सकती है. फिर भी उन्होंने माना कि इस बारिश  से खेतों को राहत मिली है और हवा में फैले प्रदूषण को भी काफी हद तक साफ करने में मदद मिली है. जनवरी 2025 की शुरुआत में पंजाब में मौसम बेहद शुष्क रहा. सर्दियों के इस दौर में बारिश की भारी कमी देखी गई, जबकि बाद में साल के अन्य महीनों में रिकॉर्ड तोड़ मॉनसूनी बाढ़ भी आई. मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के अनुसार 11 से 13 जनवरी के बीच हुई हल्की बारिश से पहले तक राज्य में करीब 90 फीसदी तक वर्षा की कमी दर्ज की गई थी. 2024- 25 की रबी सीजन में पंजाब ने लगभग 1.79 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन किया, जो देश के कुल गेहूं उत्पादन का करीब 16 फीसदी है.

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