लगातार हो रही बारिश के बीच किसानों के लिए एडवाइजरी, गलती से भी न करें ये काम.. वरना नुकसान तय

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पूर्व और मध्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और दक्षिण-पश्चिम जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश कल सुबह तक जारी रहने की संभावना है, 24 और 25 जनवरी को मौसम साफ रहेगा.

Kisan India
नोएडा | Published: 23 Jan, 2026 | 06:59 PM

Punjab News: पंजाब में लंबे समय से सूखे के बाद इस सर्दी में पहली बारिश हुई, जो किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आई. खास बात यह है कि गुरुवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुसार सुबह 8:30 तक लुधियाना में 28.4 मिमी, गुरदासपुर में 48.7 मिमी और पठानकोट में 34.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. यह रबी सीजन में पहली बड़ी बारिश है, क्योंकि नवंबर में सिर्फ 1.2 मिमी और दिसंबर में 7 मिमी ही हुई थी. मौसम विशेषज्ञों ने हालांकि किसानों से सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि तेज हवा और कोहरा फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है.

शुक्रवार तक कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की जलवायु परिवर्तन एवं कृषि मौसम विज्ञान विभाग की प्रमुख पवनीत कौर किंगरा के अनुसार शुक्रवार तक कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पूर्व और मध्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट  और दक्षिण-पश्चिम जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. बारिश कल सुबह तक जारी रहने की संभावना है, 24 और 25 जनवरी को मौसम साफ रहेगा. 26 जनवरी को थोड़ी बारिश हो सकती है, उसके बाद नमी बढ़ने से घना कोहरा पड़ने की संभावना है.

फसलों को नुकसान और कटाई में देरी हो सकती है

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश रबी सीजन के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे मिट्टी और फसलों को जरूरी नमी मिलती है. हाल के हफ्तों में बढ़ती दिन की तापमान से गेहूं की वृद्धि पर असर पड़ सकता था. समराला के किसान जोगिंदर सिंह ने कहा कि बारिश गेहूं  के लिए बहुत जरूरी थी और इससे मिट्टी और फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी. वहीं, आलू उगाने वाले गुरदेव सिंह ने तेज हवा को लेकर चिंता जताई, जिससे फसलों को नुकसान और कटाई में देरी हो सकती है. वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने किसानों के लिए सलाह जारी की है.

किसानों को दी गईं ये सलाह

  • बारिश के दौरान सिंचाई, कीटनाशक और उर्वरक का उपयोग न करें.
  • तेज बारिश से पहले सब्जियां और फल बाजार के लिए तोड़ लें.
  • पानी जमने से बचने के लिए उचित ड्रेनेज सिस्टम सुनिश्चित करें.
  • कीमती फल वाले पौधों के लिए हेल नेट का इस्तेमाल करें.
  • मौसम की समय पर जानकारी के लिए मोबाइल ऐप्स जैसे मेघदूत, मौसम, दामिनी और सेटच डाउनलोड करें.

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